रांची: पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव का झारखंड कांग्रेस से तीन वर्षों के लिए निष्कासन पर सियासी बयानबाजी हो रही है. योगेंद्र साव ने बिना शो कॉज के अपने निष्कासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये लोग तब कहां थे जब हम विस्थापन की लड़ाई लड़ रहे थे.
योगेंद्र साव ने कहा कि वह जब विस्थापन की लड़ाई लड़ रहे थे तब ये लोग कहां थे. आज जब उनकी नियम को ताक पर रखकर फैक्ट्री और घर को तोड़ा गया. तब उन्होंने कुछ बात कह दी तो बिना शो कॉज के उन्हें निष्कासित कर दिया गया, जबकि उन्होंने कभी भी कांग्रेस के खिलाफ कोई काम नहीं किया है.
योगेंद्र साव ने कहा कि दरअसल झारखंड कांग्रेस के नेता राज्य में कांग्रेस को मजबूत होते नहीं देखना चाहते, इसलिए वह सरकार की चाटुकारिता में लगे रहते हैं. उन्होंने कहा कि वह 1984 से कांग्रेस में हैं, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की विचारधारा के साथ पार्टी में आये थे, आज भी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी उनके आइडियल नेता हैं. कांग्रेस राज्य में कभी मजबूत नहीं होगी क्योंकि कांग्रेस के किलर पार्टी के अंदर ही बैठे हैं. योगेंद्र साव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार चला रही है या सरकार के इशारे पर कांग्रेस चल रही है, यह बड़ा सवाल है.
‘कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, अनुशासन सबसे जरूरी’
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के निष्कासित नेता योगेंद्र साव के आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस का हर फैसला, कांग्रेस पार्टी का फैसला होता है. वह किसी के दवाब में नहीं लिया जाता है. योगेंद्र साव पर महागठबंधन की सरकार के मुखिया को लगातार टारगेट कर रहे थे, ऐसे में कार्रवाई जरूरी था.
योगेंद्र साव की उदंडता मुख्य वजह, कोर्ट का फैसला मानना ही होता है- सुप्रियो
वहीं योगेंद्र साव द्वारा लगातार हेमंत सोरेन और सरकार पर निशाना साधने के सवाल पर झामुमो ने प्रतिक्रिया दी. पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि योगेंद्र साव को यह समझना चाहिए कि हेमंत सोरेन, राज्य के मुख्यमंत्री हैं, वह कोर्ट या जज नहीं हैं. जो भी फैसला न्यायालय का आता है, उसका पालन, प्रशासन को करना होता है. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि कुछ गलत हुआ है तो अपीलेट कोर्ट में जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि योगेंद्र साव का व्यवहार और उनकी उदंडता की वजह से ही उनका घर तोड़ा गया है.


