प्रयागराज के माघ मेले में आज मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम नोज पर उस समय बवाल मच गया, जब श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होने के कारण प्रशासन ने ज्योतिष पीठ के (Shankaracharya return without bath) शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जुलूस रोक दिया. वहीं आरोप है कि स्वामी के शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. इससे नाराज शंकराचार्य ने स्नान करने से इनकार कर दिया.
संगम नोज पर भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल जाने का आग्रह किया था. समर्थक और भक्त नहीं माने और आगे बढ़ने लगे, जिससे पुलिस के साथ धक्का मुक्की और झड़प हुई. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जुलूस अभी रुका हुआ है. पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर मौजूद हैं.
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बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या के कारण संगम नोज पर पहले से ही लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए जुटे हुए थे. ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस और मेला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था. जब शंकराचार्य का जुलूस संगम नोज की ओर बढ़ा, तो प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का अनुरोध किया.
Shankaracharya return without bath – घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके चलते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया. स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
