अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के बाद वैश्विक बाजार में एक नई उथल-पुथल मच गई है. इस भू-राजनीतिक तनाव का असर एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई चेन पर (who is real gas king) भी पड़ा है. भारत के कई शहरों से रसोई गैस के सिलेंडरों, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत की खबरें सामने आने लगी हैं. यह स्थिति हर उस परिवार के लिए चिंता का विषय है, जिसकी सुबह की शुरुआत गैस चूल्हे पर चाय बनने से होती है.
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरती है दुनिया की सप्लाई
इस पूरे संकट की जड़ में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है. यह समुद्र का वह अहम और संकरा मार्ग है, जहां से दुनिया भर के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है. जैसे ही ईरान पर हमले शुरू हुए, इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से होने वाली आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई. भारत के नजरिए से यह रास्ता किसी जीवनरेखा से कम नहीं है. हमारे (who is real gas king) देश में आयात होने वाली कुल एलपीजी का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा, जिसमें सऊदी अरब से आने वाली खेप भी शामिल है, इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है.
दुनिया के 5 सबसे बड़े गैस भंडार वाले देश
उत्पादन में भले ही अमेरिका सबसे आगे हो, लेकिन जब बात जमीन के नीचे छिपे गैस के विशाल भंडारों की आती है, तो तस्वीर बिल्कुल अलग होती है:
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- रूस: प्राकृतिक गैस के रिजर्व के मामले में दुनिया का सबसे अमीर देश रूस है. अकेले रूस के साइबेरिया क्षेत्र (जैसे यूरेनगोय और याम्बर्ग) में दुनिया की करीब 24 प्रतिशत गैस का भंडार मौजूद है.
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- ईरान: दूसरे नंबर पर ईरान का नाम आता है. कतर और ईरान के बीच फारस की खाड़ी में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री गैस क्षेत्र (साउथ पार्स-नॉर्थ डोम) मौजूद है, जिसका आधा हिस्सा ईरान के नियंत्रण में है.
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- कतर: तीसरे स्थान पर कतर है, जो अपने ‘नॉर्थ फील्ड’ खजाने के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातक भी बना हुआ है.
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- तुर्कमेनिस्तान: चौथे नंबर पर मिडिल ईस्ट का ही एक और देश तुर्कमेनिस्तान आता है, जहां ‘गाल्किनीश’ जैसा विशाल गैस क्षेत्र है जिसे दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में गिना जाता है.
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- अमेरिका: उत्पादन में नंबर वन रहने वाला अमेरिका भंडारों के मामले में पांचवें पायदान पर है. अमेरिका के पास मुख्य रूप से टेक्सास और पेन्सिलवेनिया में शेल गैस (Shale Gas) के बड़े रिजर्व हैं.


