गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में कई मौसमी फल नजर आने लगते हैं. इनमें कुछ ऐसे फल भी होते हैं जो कम समय के लिए ही उपलब्ध होते हैं लेकिन अपने खास स्वाद और औषधीय गुणों की वजह से लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहते हैं. फालसा और जामुन ऐसे ही दो फल हैं. दिखने में कुछ हद तक एक (who is more beneficial fruits) जैसे लगने वाले ये फल स्वाद, पोषक तत्वों और सेहत पर असर के लिहाज से एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं.
who is more beneficial fruits – अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि फालसा और जामुन में कौन-सा फल ज्यादा फायदेमंद है? किसमें ज्यादा पोषण होता है और किसे किन हालात में खाना चाहिए? तो अगर आप भी इन सवालों के जवाब चाहते हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है. यहां हम आपको बताएंगे की फालसा और जामुन में क्या फर्क है, दोनों में कौन सा फल ज्यादा फायदेमंद होता है और किसमें कौन सा पोषक तत्व पाया जाता है.
स्वाद और तासीर में फर्क
फालसा का स्वाद खट्टा-मीठा होता है, जो गर्मियों में मुंह को ठंडक देने का काम करता है. इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है और यह लू से बचाने में मदद करता है. वहीं, जामुन का स्वाद हल्का मीठा और खट्टा होता है, जिसे खाने के बाद जीभ पर बैंगनी रंग भी चढ़ जाता है. जामुन की तासीर भी ठंडी होती है, लेकिन यह खासतौर पर डायबिटीज और पेट से जुड़ी समस्याओं में कारगर माना जाता है.
पोषण में कौन है आगे?
पोषक तत्वों की बात करें तो दोनों फलों में कई जरूरी मिनरल्स और विटामिन्स मौजूद होते हैं. लेकिन उनकी मात्रा और गुण अलग-अलग होते हैं. जैसे फालसा में विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने, खून को साफ करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं. वहीं, जामुन में कैल्शियम, पोटैशियम, और आयरन जैसे तत्व पाए जाते हैं. ये फल खासतौर पर ब्लड शुगर कंट्रोल, पाचन और मेटाबॉलिज्म सुधारने के लिए जाना जाता है.


