सरगुजा : भूपेश बघेल सरकार में 50 लाख की लागत से लगाई गई एनिमल कारकस इनसिनरेटर मशीन अब तक वर्किंग नहीं है. पशुओं के शवों को जलाने के लिए ये यूनिट लगाई गई थी, क्योंकि अब एनजीटी (when will machine become operational) इस विषय पर संबंधित नगर निगम से जानकारी मांगता है, और ये पूछता है कि तय मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं. साथ ही ये सूचना भी जुटाता है कि निकायों में पाए गए मृत जानवरों को जमीन में तो नहीं दफनाया जा रहा.
एनिमल कारकस इनसिनरेटर यूनिट को इस उद्देश्य से लगाया गया था, कि लावारिस मवेशियों को जलाया जाए, ताकि बीमारियों का फैलाव नहीं हो. लेकिन यूनिट को अब तक चालू नहीं किया जा सका है. पूर्व पार्षद ने निगम में बैठी भाजपा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार बताया है, वहीं निगम प्रशासन टेक्निकल स्वीकृति और इंस्टालेशन की प्रक्रिया की दुहाई दे रही है.
when will machine become operational – पूर्व पार्षद सतीश बारी कहते हैं कि पूर्व सरकार की मदद से 50 लाख की लागत से एनिमल कारकस इनसिनरेटर यूनिट तैयार किया गया. भिट्ठी काल में सेटअप लगाया गया. आज तक वो सेटअप बंद पड़ा है. भारतीय जनता पार्टी की जब से सरकार नगर निगम में आई है, पूर्ववर्ती सरकार ने जो विकास के काम किए थे उसको एकदम अनदेखा कर रहे हैं. ये लोगों का पैसा था, उस पैसे का सही इस्तेमाल आज नहीं हो पा रहा है.
