मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक मां ने अपने ही चार मासूम बच्चों की जान ले ली और उसके बाद खुद भी फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर ली. इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और गांव में शोक का माहौल है. वहीं सूचना पर पहुचीं पुलिस ने चार मासूम के शवों कब्जे में लेने के बाद( when son was not born) पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया. चौथी मासूम बच्ची का शव भी देर रात बरामद कर लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना केसली थाना क्षेत्र के टड़ा चौकी अंतर्गत आने वाले खमरिया गांव की है. यहां रहने वाली करीब 28 वर्षीय सविता बाई लोधी ने पहले अपनी चारों छोटी बेटियों को खेत में बने कुएं में फेंक दिया. पानी में डूबने से बच्चियों की मौत हो गई. इसके बाद महिला ने घर लौटकर फांसी लगाकर खुद भी आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार घटना हरपाल घोसी के खेत में बने कुएं के पास हुई है.
महिला अपनी चारों बेटियों को कुएं के पास ले गई और एक-एक कर उन्हें कुएं में धकेल दिया. बच्चियों की उम्र बेहद कम थी. सबसे बड़ी बेटी अंशिका की उम्र लगभग 7 साल बताई जा रही है, जबकि रक्षा 5 साल, दीक्षा 3 साल और सबसे छोटी मनीषा मात्र 5 महीने की थी. घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली और वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए.
इधर पेड़ से महिला सविता बाई का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि महिला ने पहले बच्चियों को कुएं में फेंका और फिर खुद फांसी लगा ली. फिलहाल इस भयावह घटना के पीछे की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस आसपास के लोगों, पड़ोसियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है.
when son was not born – पुलिस की जांच में सामने आया है कि 9 साल पहले सविता की शादी खमरिया निवासी चंद्रभान लोधी के साथ हुई थी, जो जबलपुर में एक बस में कंडक्टर का काम करता है. चंद्रभान को बेटी की चाह थी लेकिन बेटे ना होकर चारों बेटियों ने जन्म लिया इसी बात से नाराज होकर पिछले 1 साल पहले चंद्रभान ने सविता को छोड़ दिया. छोड़ने के बाद सविता अपनी बहन और ससुर के साथ रहती थी.


