सिरोही : जिले के एक सरकारी आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं सोमवार को अपनी बुनियादी समस्याएं और हॉस्टल की बदहाली को लेकर पैदल मार्च करते हुए जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने हॉस्टल में लंबे समय से व्याप्त अव्यवस्थाओं, बुनियादी सुविधाओं के अभाव और अत्यंत घटिया दर्जे के भोजन को लेकर (insects were found in food) जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। छात्राओं का स्पष्ट आरोप है कि हॉस्टल के मेस में परोसे जाने वाले भोजन में कई बार कीड़े तक निकल चुके हैं, परंतु बार-बार आवाज उठाने के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई स्थायी सुधार नहीं किया गया।

insects were found in food – कलेक्ट्रेट में अपनी बात रखते हुए छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में मिलने वाले भोजन का स्तर बेहद निम्न और अस्वास्थ्यकर है। उन्होंने बताया कि कई अवसरों पर दाल और पके हुए भोजन में कीड़े रेंगते पाए गए हैं, जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। भोजन के साथ-साथ हॉस्टल परिसर में नियमित साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और रहने के कमरों की स्थिति भी पूरी तरह असंतोषजनक है।

 जिला कलेक्टर ने 1 घंटे तक सुनीं समस्याएं, SDM व शिक्षा अधिकारियों को किया तलब

कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची छात्राओं की बात सुनने के लिए जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर स्वयं आगे आए और उन्होंने करीब एक घंटे तक छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों को बिंदुवार सुना। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार और समग्र शिक्षा अभियान के एडीपीसी (ADPC) को मौके पर तलब किया तथा हॉस्टल प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी।

Share.
Exit mobile version