ममता बनर्जी ने टीएमसी के नवनिर्वाचित सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से बहरामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने की अपील की थी, ताकि वहां उपचुनाव कराया जा सके. मगर, यूसुफ पठान ने ममता बनर्जी की इस अपील को सिरे से ठुकरा दिया है. हालांकि, अगले लोकसभा चुनाव (2029) में अभी काफी समय है, इसलिए ममता (Yusuf Pathan rejected Mamata Banerjee’s appeal) बनर्जी बहरामपुर में जल्द से जल्द उपचुनाव कराने की रणनीति पर काम कर रही थीं.

Yusuf Pathan rejected Mamata Banerjee’s appeal – इस मामले को सुलझाने के लिए ममता ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से भी यूसुफ पठान से बात करने का अनुरोध किया था, लेकिन यूसुफ अपने फैसले पर अडिग रहे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें जनता का जो जनादेश मिला है, वे उसे इतनी जल्दी नजरअंदाज नहीं कर सकते और बहरामपुर के सांसद पद पर बने रहेंगे.

इसे भी पढ़ें – भांगर बम विस्फोट मामले में NIA का बड़ा एक्शन; पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला गिरफ्तार

एक तरफ जहां मुर्शिदाबाद क्षेत्र से ममता बनर्जी की अपनी ही टीम के मजबूत सदस्य यूसुफ पठान उनके आदेश को मानने से इनकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसी जिले से पार्टी के एक और प्रभावशाली सदस्य हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को एक नया राजनीतिक विकल्प दे दिया है. यूसुफ पठान के इनकार के बाद अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी बशीरहाट लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़कर संसद जाने की योजना बना रही हैं.

 टीएमसी के कई वरिष्ठ सांसद पार्टी छोड़ने की फिराक में 

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली की राजनीति में भी टीएमसी के कई वरिष्ठ सांसद पार्टी के कामकाज के मौजूदा तरीके और शीर्ष नेतृत्व के व्यवहार को लेकर गहरे नाराज हैं और वे तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की गुप्त योजना बना रहे हैं. पार्टी के कई सांसदों ने अब सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दिया है. इनमें सबसे बड़ा नाम ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार का है.

Share.
Exit mobile version