रायपुर : शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया. बैठक में जल संचय-जन भागीदारी 2.0 अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई. इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टर ने (water problem will end) अपने अपने जिलों में जल संचय-जन भागीदारी 2.0 अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यों और गतिविधियों के बारे में बताया.
विष्णुदेव साय ने आगे कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है. विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले. पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया.
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साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं. वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है.
water problem will end – मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और ज्यादा परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है. राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है. सीएम ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया.


