वाराणसी : उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मियों के बीच समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के मध्य जुबानी जंग तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वाराणसी में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव का एक वीडियो साझा करते हुए योगी सरकार के (Varanasi Sewer Water Controversy) विकास मॉडल पर तीखा प्रहार किया।
Varanasi Sewer Water Controversy – यह वीडियो 10 सितंबर का बताया जा रहा है, जिसमें वाराणसी के ऐतिहासिक शिवाला क्षेत्र में सीवर का गंदा पानी घुटनों तक भरा नजर आ रहा है और उसी दूषित जलभराव के बीच से कुछ विदेशी पर्यटक गुजरते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही जहां विपक्ष ने सरकार को घेरा, वहीं वाराणसी नगर निगम ने इसे काशी की वैश्विक छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश करार दिया है।
अखिलेश यादव का तंज, बोले- प्रधान नगरी का जलमग्न विकास
अखिलेश यादव ने पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “काशी में विदेशी पर्यटकों के सामने पानी-पानी हुआ देश की प्रधान नगरी का जलमग्न विकास! जब तक प्रधान नगरी काशी को जलमग्न मुख्य नगरी गोरखपुर जैसा नहीं बना देंगे, तब तक लखनऊ वाले मानेंगे नहीं।” उन्होंने आगे चुटकी लेते हुए लिखा कि अब आपसी झगड़ा अंतरराष्ट्रीय हो गया है और बात दिल्ली बनाम लखनऊ से आगे निकलकर ‘क्योटो बनाम स्पेन’ की हो चुकी है।
सीवर पाइपलाइन में मिलीं बालू की बोरियां और पत्थर
वीडियो वायरल होने के बाद वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और पार्षदों की टीम के साथ शिवाला क्षेत्र में जमीनी मुआयना करने पहुंचे। मेयर ने बताया कि सफाई अभियान के दौरान शिवाला, सरायनंदन और नगवा समेत आधा दर्जन वार्डों की मुख्य सीवर लाइन के भीतर बालू भरी बोरियां, लकड़ी का बुरादा, बड़े पत्थर, प्लाई और ठोस प्लास्टिक सामग्री ठूंसी हुई पाई गई।


