वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए विनाशकारी हवाई हमलों के बावजूद ईरान अपनी सैन्य और सामरिक ताकत को उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से फिर से तैयार कर रहा है। अमेरिकी (Iran again built up its military strength) खुफिया एजेंसियों की बेहद गोपनीय और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बीते 8 अप्रैल से शुरू हुए छह हफ्ते के युद्धविराम के मिले समय का फायदा उठाकर अपने ड्रोन विनिर्माण संयंत्रों को दोबारा चालू कर दिया है।
खुफिया रिपोर्ट के बारीक आंकड़ों के मुताबिक, ईरान युद्धविराम की आड़ में अपने तबाह हो चुके मिसाइल लॉन्चरों, अंडरग्राउंड मिसाइल साइटों और हथियार बनाने वाली बड़ी फैक्ट्रियों को युद्धस्तर पर फिर से तैयार कर रहा है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भविष्य में ईरान पर दोबारा सैन्य हमला शुरू करते हैं, तो ईरान अब भी इजराइल और खाड़ी देशों के लिए एक अत्यंत घातक और बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
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CNN को मिले खुफिया सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों और नाकेबंदी के बावजूद ईरान इतनी तेजी से इसलिए संभल पाया क्योंकि उसे वैश्विक महाशक्ति रूस और चीन से बैकचैनल के जरिए लगातार तकनीकी व रणनीतिक मदद मिल रही है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन अभी भी ईरान को ऐसे क्रिटिकल इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और पार्ट्स की निर्बाध सप्लाई कर रहा था जिनका सीधा इस्तेमाल घातक मिसाइलें बनाने में किया जाता है।
Iran again built up its military strength – ताजा सैन्य आकलन रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान के पास मौजूद हजारों ड्रोनों का जखीरा अब भी पूरी तरह सुरक्षित और एक्टिव है, जो अमेरिकी हमलों से पहले की उसकी कुल ड्रोन ताकत का करीब 50% है। इसके अलावा, ईरान की कई अत्याधुनिक क्रूज मिसाइलें (Cruise Missiles) भी अंडरग्राउंड बंकरों में सुरक्षित बच गई हैं। इन बची हुई मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए ईरान सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों और जहाजों के लिए कभी भी बड़ा संकट पैदा कर सकता है।


