उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में रविवार को उस समय भारी बबाल मच गया जब पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान जब वह मीडिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं, तभी किसी बात को लेकर आराधना मिश्रा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए और दफ्तर के अंदर ही जूते-चप्पल तक चलने लगे, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
🪧 अजय राय का धरना और वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता
इस हिंसक झड़प और हंगामे के बाद पूर्व अध्यक्ष अजय राय विरोध जताते हुए पार्टी कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने आराधना मिश्रा समर्थक ममता चौधरी पर गंभीर बदसलूकी का आरोप लगाया। हालांकि, कुछ देर बाद वह दफ्तर से बाहर निकल आए, लेकिन मौके पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं—प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद आदि ने बीच-बचाय करते हुए उन्हें समझाया-बुझाया और वापस अंदर लेकर गए। इस घटना के बाद से अजय राय और उनके समर्थकों में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ भारी नाराजगी और रोष देखा जा रहा है।
🎙️ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बढ़ा विवाद
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उनके समर्थक और शुभचिंतक लगातार उन्हें बधाई देने पहुंच रहे थे। इसी बीच, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और ‘अजय राय जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे। बताया जा रहा है कि इसी नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन को लेकर दोनों गुटों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई, जो देखते ही देखते खुले संघर्ष में बदल गई।


