Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • केरल के कोच्चि में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
    • आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने पैर में मारी गोली
    • झारखंड के खूंटी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा— तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर खड़े लोगों को कुचल, 10 महीने के बच्चे समेत 7 की मौत
    • महाराष्ट्र के जलगांव में एसीबी का बड़ा एक्शन— 10 हजार की घूस लेते पकड़ा गया अधिकारी, घर और लॉकर से निकला 5.16 करोड़ का काला खजाना
    • देश के मौसम का हाल, उत्तर भारत में बढ़ी ठंड और दक्षिण के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
    • भिंड में कमरे का फर्श धंसने से पलंग समेत 16 फीट गहरे गड्ढे में समाई महिला, सिंधिया रियासत के दौर से जुड़ा है रहस्य
    • दिल्ली में दिवाली से पहले ही हवा हुई बेहद जहरीली, कई इलाकों में एक्यूआई 450 के पार— गंभीर श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण
    • या एसी, टीवी या फ्रिज खरीदते समय क्या एक्सटेंडेड वारंटी लेना सच में फायदेमंद है? जानिए इसके फायदे और नुकसान
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Friday, November 6
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Ad
    Home » हरियाणा के अंबाला छावनी में 1857 के स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बना भव्य शहीदी स्मारक देश को समर्पित, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया ऐतिहासिक लोकार्पण

    हरियाणा के अंबाला छावनी में 1857 के स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बना भव्य शहीदी स्मारक देश को समर्पित, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया ऐतिहासिक लोकार्पण

    November 5, 2026 हरियाणा 5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज का वर्षों पुराना और महत्वाकांक्षी सपना आखिरकार मंगलवार को पूरी तरह साकार हो गया। अंबाला छावनी की ऐतिहासिक भूमि पर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर वीर शहीदों की स्मृति में निर्मित अत्यंत भव्य और विशाल ‘शहीदी स्मारक’ का केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गरिमामयी माहौल में लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर के साथ ही मंत्री अनिल विज के उस दृढ़ संकल्प को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिल गई है, जिसके तहत उन्होंने आजादी की पहली लड़ाई में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले और इतिहास के पन्नों में कहीं खो चुके गुमनाम क्रांतिकारियों को उनका वास्तविक और उचित सम्मान दिलाने का बीड़ा उठाया था। अंबाला की धरती पर उभरा यह विशाल स्मारक केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि अनिल विज के दशकों के कड़े संघर्ष, अटूट संकल्प और ऐतिहासिक धरोहर को संजोने की उनकी प्रतिबद्धता का सबसे बड़ा जीवंत प्रमाण है।

    लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ क्षेत्र में विकसित हुआ है यह परिसर, आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत होगी 1857 की पूरी क्रांति

    जी.टी. रोड (ग्रैंड ट्रंक रोड) पर स्थित यह भव्य शहीदी स्मारक लगभग 800 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कुल 22 एकड़ भूमि के विशाल परिसर में विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां 1857 की क्रांति के इतिहास को केवल पुरानी तस्वीरों या दस्तावेजों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए इसे जीवंत बनाया गया है। इस परिसर में कुल 23 अत्याधुनिक और डिजिटल गैलरियां बनाई गई हैं, जहां 360-डिग्री प्रोजेक्शन, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), सेंसर आधारित इंटरैक्टिव तकनीक और इमर्सिव प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शक आजादी की पहली लड़ाई के हर एक पल को महसूस कर सकेंगे। इसके अलावा, परिसर में बना 63 मीटर ऊंचा भव्य कमलनुमा टावर इस स्मारक की मुख्य पहचान बन गया है।

    विपक्ष में रहते हुए अनिल विज ने उठाई थी इस स्मारक की पुरजोर मांग, सरकार में आते ही प्रोजेक्ट को दी अमलीजामा पहनाने की गति

    इस महान स्मारक के पीछे मंत्री अनिल विज का लंबा संघर्ष और अटूट विश्वास जुड़ा रहा है। उनका हमेशा से यह स्पष्ट मानना रहा है कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंबाला की जो ऐतिहासिक और अग्रणी भूमिका रही है, उसे राष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान मिलनी चाहिए। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले हजारों वीरों ने अपनी जानें दीं, लेकिन मुख्यधारा के इतिहास में उन्हें अपेक्षित स्थान नहीं मिला। अंबाला छावनी के विधायक के रूप में जब अनिल विज विपक्ष में थे, तब उन्होंने हरियाणा विधानसभा के पटल पर कई बार इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया था। वर्ष 2014 में जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी, तो उन्होंने इस सपने को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए और अंततः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों इसका लोकार्पण कराकर अपने इस ऐतिहासिक संकल्प को पूरा किया है।

    ऐतिहासिक शोध के अनुसार अंबाला छावनी से बजा था विद्रोह का सबसे पहला बिगुल, संग्रहालय में प्रदर्शित किए गए हैं प्रामाणिक दस्तावेज

    इस संग्रहालय में प्रस्तुत किए गए प्रामाणिक ऐतिहासिक शोध और दस्तावेजों के मुताबिक, 10 मई 1857 की सुबह लगभग नौ बजे अंबाला छावनी में तैनात भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ खुली बगावत कर दी थी। यह ऐतिहासिक घटना मेरठ में हुए व्यापक विद्रोह से भी लगभग नौ घंटे पहले की मानी जाती है। इस महत्वपूर्ण तथ्य को देश के सामने लाने के लिए संग्रहालय में उस दौर के टेलीग्राम संदेशों, मूल अभिलेखों और मोर्स कोड जैसी पुरानी संचार प्रणालियों को भी बहुत ही बारीकी से प्रदर्शित किया गया है। यहाँ आने वाले हर दर्शक को यह गहराई से समझने का अवसर मिलेगा कि किस प्रकार अंबाला की माटी से उठी विद्रोह की चिंगारी ने देश के अन्य हिस्सों में दावानल का रूप ले लिया था।

    700 से अधिक गुमनाम अमर शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित, श्रद्धांजलि क्षेत्र बना परिसर का सबसे भावुक केंद्र

    इस भव्य परिसर का सबसे अधिक प्रेरणादायी और भावुक करने वाला हिस्सा इसका ‘श्रद्धांजलि क्षेत्र’ है। यहां ऐतिहासिक दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर देश भर के 700 से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिवीरों के नाम शुद्ध स्वर्ण अक्षरों में बेहद सम्मान के साथ उकेरे गए हैं। इन नामों के जरिए उन सभी अज्ञात और गुमनाम वीरों को नमन किया गया है, जिनकी कुर्बानियों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में नजरअंदाज किया गया था। इस परियोजना का मूल उद्देश्य ही यही था कि हरियाणा और देश के अन्य कोनों से स्वतंत्रता संग्राम में कूदने वाले हर वीर सपूत को राष्ट्रीय स्मृति में उसका गौरवपूर्ण स्थान मिल सके।

    63 मीटर ऊंचा कमलनुमा टावर और लाइट-एंड-साउंड शो बनेगा आकर्षण का केंद्र, इतिहास और संस्कृति का अनूठा संगम है यह स्मारक

    परिसर का मुख्य आकर्षण केंद्र इसका 63 मीटर ऊंचा विशाल कमल के आकार का मेमोरियल टावर है, जो 1857 की क्रांति के दौरान ‘कमल के फूल’ के जरिए गुप्त संदेश भेजने की ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक है। इसके अलावा, आगंतुकों के मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए परिसर में ओपन एयर थिएटर, वाटर स्क्रीन और प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से आधुनिक लाइट, लेजर और साउंड शो की विशेष व्यवस्था की गई है। जानकारों का कहना है कि इस पूरे संग्रहालय की सभी गैलरियों और ऐतिहासिक प्रस्तुतियों का गहराई से अवलोकन करने में लगभग छह घंटे का समय लग सकता है। यह भव्य परिसर आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि आज हम जो खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह हजारों ज्ञात और अज्ञात बलिदानियों के खून-पसीने और सर्वोच्च त्याग का ही परिणाम है।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    रायपुर रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, ट्रेनों की लेटलतीफी और रिजर्वेशन किल्लत पर रेल प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

    पंजाब PCS परीक्षा परिणाम में धांधली पर तरुण चुघ का भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला, CBI जांच की मांग

    अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर गृह मंत्री अमित शाह करेंगे लंच, मनोहर लाल और राव इंद्रजीत सिंह समेत कई दिग्गज रहेंगे मौजूद

    हरियाणा के अंबाला छावनी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, जनसभा के दौरान मंत्री अनिल विज के संघर्ष और समर्पण की खुलकर की गई सराहना

    फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल में फर्जी विजिलेंस अधिकारी गिरफ्तार, सीएमओ को नौकरी से हटाने की दी थी धमकी

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अंबाला दौरे की तैयारियां पूरी, वायुसेना स्टेशन पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने किया जोरदार स्वागत

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.