गुजरात विधानसभा में करीब 7 घंटे की लंबी बहस के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी मिल गई है. इस बिल के जरिए धर्म से परे शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को विनियमित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू करना है. इसके तहत जोर-जबर्दस्ती, दबाव डालकर या फिर (UCC sting in Gujarat too) धोखाधड़ी से किए गए शादी के लिए 7 साल की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है. साथ ही यह बिल बहुविवाह पर भी रोक लगाती है. यही नहीं अब शादी और लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य किया गया है.
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सत्तारुढ़ जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से इस बिल को समानता सुनिश्चित करने को लेकर एक ऐतिहासिक सुधार बताया, जबकि कांग्रेस इसका कड़ा विरोध कर रही है और उसका कहना है कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और मुस्लिम विरोधी है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विरोध और इस बिल को स्थायी समिति के पास भेजे जाने की मांग के बीच इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.
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UCC sting in Gujarat too – मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य द्वारा नियुक्त एक समिति की ओर से यूसीसी के कार्यान्वयन पर दाखिल अंतिम रिपोर्ट के एक हफ्ते बाद कल मंगलवार को इस विधेयक को विधानसभा में पेश किया. उन्होंने कहा कि बिल में बलपूर्वक, दबाव या धोखाधड़ी से शादी कराने के मामले में दोषी को 7 साल जेल की सजा हो सकती है. साथ ही यह व्यवस्था बहुविवाह के मामलों में भी रहेगी.

