मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच तुर्किये ने बड़ा संकेत दिया है. उसने कहा है कि अगर कुर्द लड़ाके ईरान के खिलाफ जमीनी लड़ाई में शामिल होते हैं, तो वह उत्तरी इराक में सैन्य कार्रवाई कर सकता है, जैसा उसने पहले सीरिया में किया था. यह चेतावनी खास तौर पर कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) और उसके ईरानी (Turkey Entry in Iran-Israel War) सहयोगी कुर्दिस्तान फ्री लाइफ पार्टी (PJAK) के लिए है. तुर्किये को शक है कि ये संगठन इजराइल के समर्थन से ईरान के पश्चिमी इलाकों में लड़ाई में शामिल हो सकते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद से तुर्किये लगातार चेतावनी दे रहा है कि इस संघर्ष में कुर्द लड़ाकों का इस्तेमाल न किया जाए. तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर साफ कहा कि वह किसी भी आतंकी संगठन के इस्तेमाल को स्वीकार नहीं करेगा और सभी देशों को एक-दूसरे की सीमा और अखंडता का सम्मान करना चाहिए.
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तुर्किये के विदेश मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों ने इराक के कुर्द क्षेत्र के अधिकारियों को भी संदेश दिया है कि अगर हालात बिगड़े, तो तुर्किये यहां भी सैन्य कार्रवाई करेगा. इस बीच जेल में बंद PKK के नेता अब्दुल्लाह ओकलान ने भी अपने संगठन को चेतावनी दी है कि वे इजराइल के खेल में न फंसें. माना जा रहा है कि इस बयान से हालात पर असर पड़ा है. दरअसल, इजराइल के सीरिया, इराक और ईरान के कुर्द समूहों के साथ लंबे समय से सुरक्षा, सैन्य और खुफिया संबंध रहे हैं
Turkey Entry in Iran-Israel War – इजराइल की योजना थी कि इराक के उत्तरी इलाके में मौजूद कुर्द लड़ाकों को ईरान में घुसकर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जाए. हालांकि अमेरिका इस योजना से पीछे हट गया, ट्रंप ने साफ कहा कि वह कुर्दों को लड़ाई में शामिल नहीं करना चाहते. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका का यह रुख तुर्किये के साथ उसके रिश्तों से भी जुड़ा है.

