ईरान जंग में बैकफुट पर जाने से गुस्साए डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों को सख्त संदेश दिया. ट्रंप ने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा और जरूरतों के लिए खुद जिम्मेदारी लेनी होगी. उन्होंने सहयोगी देशों को 2 सलाह दिए. पहली सलाह यह कि जो देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की वजह से जेट फ्यूल की कमी झेल रहे हैं, वे अमेरिका से (Trump’s Ultimatum) तेल खरीद सकते हैं, क्योंकि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल मौजूद है.
ट्रंप ने खास तौर पर ब्रिटेन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन अब उसे जेट फ्यूल की कमी का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी सलाह में कहा कि ये देश हिम्मत दिखाएं और जरूरत पड़े तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जाकर खुद कंट्रोल हासिल करें. ट्रंप ने कहा , ‘आपको खुद लड़ना सीखना होगा, अमेरिका हमेशा आपके साथ नहीं रहेगा.’
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ट्रंप के बयान का मतलब यह है कि चाहे सुरक्षा का मामला हो या तेल की आपूर्ति, अब सहयोगी देशों को खुद आगे आना होगा. ट्रंप का इशारा साफ था कि जो देश पहले अमेरिका के साथ नहीं खड़े हुए, उनसे अब अमेरिका भी दूरी बना सकता है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है और जंग का सबसे मुश्किल हिस्सा पूरा हो चुका है. अब आगे की जिम्मेदारी दूसरे देशों को उठानी चाहिए और अपनी तेल की जरूरतें भी खुद पूरी करनी चाहिए.
Trump’s Ultimatum – ट्रंप ने फ्रांस पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस ने इजराइल जा रहे अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं दी. ट्रंप ने इसे बुरा रवैया बताया और कहा कि अमेरिका इसे याद रखेगा. ईरान युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं.

