इस साल मासिक शिवरात्रि का पर्व बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इस मासिक शिवरात्रि के दिन 5 दुर्लभ और शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों में की गई पूजा और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है. अगर आप भगवान शिव की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन की गई एक पूजा भी (monthly Shivaratri) आपके लिए बेहद कल्याणकारी साबित हो सकती है.

monthly Shivaratri – पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 21 अगस्त, गुरुवार की दोपहर 12 बजकर 45 मिनिट से शुरू होगी जो 22 अगस्त, शुक्रवार की सुबह 11 बजकर 56 मिनिट तक रहेगी. इसलिए उदया तिथि के अनुसार, ये व्रत 21 अगस्त को ही किया जाएगा.

मासिक शिवरात्रि पर बन रहे हैं ये शुभ योग

शुभ योग: यह योग सभी तरह के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है. इस योग में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के सफल होते हैं.

अमृत सिद्धि योग: अमृत सिद्धि योग में किए गए काम का फल स्थायी और अमृत के समान होता है. इस योग में की गई पूजा का प्रभाव लंबे समय तक रहता है.

अमृत योग: यह योग जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है.

गुरु पुष्य योग: पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और जब यह गुरुवार के दिन आता है तो इसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है. यह योग धन, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि करता है.

सर्वार्थ सिद्धि योग: यह योग सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है. इस योग में की गई पूजा और व्रत से व्यक्ति की हर इच्छा पूरी हो सकती है.

शिवरात्रि व्रत की पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने के लिए इन सरल चरणों का पालन करें. सुबह जल्दी उठें और स्नान कर साफ कपड़े पहनें. घर के मंदिर की साफ-सफाई करें. भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें.बेलपत्र, भांग, धतूरा, अक्षत, फूल और चंदन अर्पित करें.शिव चालीसा का पाठ करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. भगवान शिव की आरती करें और उनसे अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करें.

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