बांग्लादेश में इस समय हंगामा मचा हुआ है. देश में हाल ही में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से ही आशांति फैली हुई है. 32 साल के हादी चुनाव में खड़े होने वाले थे. लेकिन, चुनाव की (murder case of Hadi) तारीखों का ऐलान होने के बाद ही उन्हें गोली मार दी गई. इसी के बाद उन्हें सिंगापुर में इलाज के लिए शिफ्ट किया गया था. लेकिन, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. हादी की मौत के बाद से ही लोग सड़कों पर उतर आए हैं. देश में जमकर नारेबाजी हो रही है.
हादी का अंतिम संस्कार शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया. अंतिम संस्कार में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, उनकी सलाहकार परिषद के सदस्य और सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान भी मौजूद थे. लाखों की तादाद में लोग हादी के जनाजे पर पहुंचे. इस दौरान भी लोगों ने हादी के हत्यारे को पकड़ने की मांग की.
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जानकारी के मुताबिक, हादी की हत्या करने वाले शख्स का नाम फैसल करीम मसूद बताया जा रहा है. लेकिन, गनमैन का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है. वो अभी भी पुलिस की पहुंच से फरार है. द टेलीग्राफ के अनुसार, मसूद प्रतिबंधित छात्र संगठन छात्र लीग का नेता था, जो अवामी लीग की स्टूडेंट विंग है. अवामी लीग बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की राजनीतिक पार्टी है.
murder case of Hadi – मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पत्रकार के हवाले से बताया गया है कि मसूद ने हमले को अंजाम देने से पहले, एक अन्य संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार आलमगीर के साथ मिलकर हादी के चुनाव अभियान में भी हिस्सा लिया था. पुलिस ने मसूद को करीब एक साल पहले ढाका के एक स्कूल में हुई डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था. उसके पास से एक पिस्तौल भी बरामद की गई थी.


