मध्य प्रदेश के इंदौर में एक महिला को भीड़ ने मिलकर पीट दिया. दरअसल, महिला शाहबानो मामले से जुड़ी किताब लिखने के लिए जानकारी एकत्र करने के लिए गई थी. इस दौरान जब उसने लोगों से बात की तो पहले लोग उसे डेटा चोर समझने लगे, उसके बाद डेटा चोर की जगह कुछ लोगों ने बेटा चोर (beat up the woman) समझ लिया. इस घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी.
दरअसल, तलाक के बाद गुजारा भत्ते की मांग को लेकर देशभर में चर्चा में रहे शाहबानो मामले से जुड़ी किताब लिखने इंदौर पहुंची एक राइटर महिला मॉब लीचिंग जैसी घटना की शिकार हो गई. शाहबानो के परिजनों ने “डेटा चोर का आरोप लगाया, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने उसे बेटा चोर समझकर महिला की पिटाई कर दी. यही नहीं महिला को कई घंटे थाने में बिताना पड़े, लेकिन घटना के 15 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम है. महिला की शिकायत के बाद पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है.
आरोप है कि शाहबानो के परिवार से जुड़े परिजनों ने लेखन सामग्री और शोध डेटा साझा करने के नाम पर महिला से 25 लाख रुपए और किताब की बिक्री पर तीन प्रतिशत हिस्सा मांगा था. महिला ने इस संबंध में एक एग्रीमेंट भी तैयार कराया, लेकिन परिजनों ने उसमें बदलाव कर दिए और महिला को ‘डेटा चोर’ कहने लगे. इतने में जब वह भीड़ इकट्ठा हो गई तो उन्होंने डेटा चोर शब्द को बेटा चोर समझकर, महिला की पिटाई कर दी.
beat up the woman – खजराना क्षेत्र की खिजराबाद कॉलोनी की भीड़ ने महिला की बच्चा चोर समझकर पिटाई कर दी. गफलत में पुलिस भी उसे कई घंटे थाने में बैठाए रखा. बाद में स्पष्ट हुआ कि महिला न तो बच्चा चोर है, न ही कोई अपराधी, बल्कि शाहबानो प्रकरण पर शोध कर रही लेखिका है.


