उज्जैन : सिंहस्थ महापर्व वर्ष 2028 से पूर्व उज्जैन को चारों दिशाओं से नेशनल हाइवे, एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है. लेकिन इस बीच एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. उज्जैन को गरोठ से जोड़ने (project became a victim of corruption) वाले लगभग 135 किलोमीटर का सड़क मार्ग निर्माणधीन है. लेकिन अभी से ही यह क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गया है. शहर के देवास बायपास में गरोठ हाईवे की 40 फुट ऊंची दीवार अचानक से धंस गई. वहीं, कई जगह ब्लॉक पर क्रैक देखे गए हैं.
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राहुल जाजोरिया ने ईटीवी भारत से चर्चा में कहा, “उज्जैन गरोठ में रेलवे का ओवरब्रिज बनाने का काम चल रहा है. चंदेसरा के यहां उसमें शिकायत मिली थी कि ब्लॉक फेल हो रहे हैं. चूंकि कार्य निर्माणाधीन है, उसे दोबारा से रिपेयर कर रहे हैं.”
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उन्होंने आगे कहा, “2600 करोड़ की लागत से उज्जैन गरोठ के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे बनाकर तैयार हो रहा है. लापरवाही बरतने पर हम नियम अनुसार कार्रवाई की तैयारी में जुटे हैं. कुछ जगह ट्रैफिक शुरू कर दिया गया है. वहीं, आगामी 2 माह में बाकी बचा 5 किलोमीटर, जो कि रेलवे ओवरब्रिज के कारणों से निर्माणाधीन है, उसे भी बना कर तैयार कर दिया जाएगा.”
project became a victim of corruption – ये सड़क 60 मीटर चौड़ी होगी और इस हाईवे पर 6 करीब टोल होंगे, जो कि तुला हेड़ा का मेन टोल रहेगा. बाकी 5 टोल खेड़ा खजुरिया गांव, बरखेड़ा बड़ोदा, मुंडला सोंधिया, अंटालिया और नयाखेड़ा पर रहेगा. इस पर कुल 385 छोटे और बड़े पुल पुलिया बनाएं जा रहे हैं. खास बात यह है कि यह हाईवे एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड हाईवे होगा. अभी 129 किलोमीटर सड़क बन गई है और कुछ हिस्सों में ट्रैफिक भी शुरू कर दिया है.”


