उत्तर प्रदेश ATS ने एक बड़े राष्ट्र-विरोधी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे निर्देश पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, रेलवे सिग्नल बॉक्स और गैस सिलेंडर भरे ट्रकों में आगजनी कर आतंक व दहशत फैलाने वाले चार सदस्यीय गिरोह को ATS ने गिरफ्तार कर लिया. मुख्य आरोपी साकिब उर्फ वकिल (25) निवासी (plan of death in barber shop) अब्दुलपुर, थाना परीक्षितगढ़, मेरठ को उसके तीन साथियों समेत 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास सिग्नल बॉक्स में आगजनी-विस्फोट की योजना को अंजाम देने से ठीक पहले धर लिया गया.
plan of death in barber shop – ATS के अनुसार, साकिब नाई का काम करता था, लेकिन सोशल मीडिया टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर से लगातार संपर्क में था. हैंडलर ओसामा बिन लादेन, फरहतुल्ला गौरी, कश्मीर मुजाहिद्दीन और गजवा-ए-हिंद जैसे नामों का इस्तेमाल कर साकिब को धर्म के नाम पर वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को जलाने के लिए उकसाते थे. गिरोह का मकसद भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाना और देश में आतंक का माहौल पैदा करना था.
गिरोह कैसे काम करता था?
साकिब और उसके साथी गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ के महत्वपूर्ण संस्थानों, राजनीतिक व्यक्तियों के घरों और रेलवे संपत्तियों की रेकी करते थे. रेकी के वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर को भेजते थे. हैंडलर गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय करते थे. काम पूरा करने के बाद आरोपी QR कोड के जरिए पैसे हासिल करते थे. कुछ जगहों पर छोटी-मोटी आगजनी की घटनाएं कर उनके वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे.
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
गिरोह में शामिल सदस्य अरबाब (20) निवासी अब्दुलपुर, मेरठ, विकास उर्फ रौनक (27) निवासी राम विहार, छपरौला, गौतम बुद्ध नगर, लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) निवासी राम विहार कॉलोनी, छपरौला, गौतम बुद्ध नगर को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे (पैंफलेट) और आधार कार्ड मिला है. एटीएस थाना, लखनऊ में इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
