स्थानीय बदमाश बंदू अंडेकर पोते की हत्या के आरोप में जेल में बंद है. उसे नगरपालिका चुनाव के लिए कोर्ट से नामांकन पत्र दाखिल करने की इजाजत मिलने के बाद पुणे के एक सरकारी दफ्तर ले जाया गया. वहां उसका चेहरा कपड़े ढंका हुआ था और दोनों हाथ रस्सी से बंधे हुए थे.पुणे की विशेष मकोका अदालत ने पोते आयुष कोमकर की (murderer grandfather)हत्या से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद अंडेकर को चुनाव के लिए पर्चा दाखिल करने की सशर्त अनुमति थी, जिसके बाद इस प्रक्रिया के लिए उसे ले जाया गया.
बंदू अंडेकर ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया है. इसके साथ ही बंदू अंडेकर की भाभी लक्ष्मी और बहू सोनाली ने भी अपने-अपने नामांकन दाखिल किए. ये दोनों भी आयुष की हत्या से जुड़े मामले में आरोपी हैं. पुणे और महाराष्ट्र की 28 अन्य नगरपालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को होना है.
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