स्वीडन से सामने आई यह कहानी इंसानी क्रूरता और मानसिक आतंक की हदें पार कर देती है। जेमी ली एरो ने सार्वजनिक रूप से बताया कि जब वह महज 9 साल की थी, तब उसके पिता इसाकिन ड्रैबड ने अपनी प्रेमिका हेले क्रिस्टेंसन की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव के हिस्से खा लिए। डेली स्टार और LadBible की रिपोर्ट के (crossed all limits of cruelty) अनुसार, इसाकिन खुद को शैतान का उपासक मानता था। नवंबर 2010 में उसने हेले का सिर धड़ से अलग किया, चाकू, आरी और कुल्हाड़ी से शरीर के टुकड़े किए और कुछ हिस्सों को पकाकर खाया।

हत्या से पहले हेले ने जेमी से कहा था-“यह आखिरी बार है जब मैं तुम्हारे लिए खाना बना रही हूं, क्योंकि इसाकिन मुझे मार देगा।” ह भविष्यवाणी सच साबित हुई। मामला सामने आने के बाद स्वीडन में सनसनी फैल गई। इसाकिन को दोषी ठहराकर सुरक्षित मनोरोग अस्पताल में रखा गया, जहां वह “पिशाच हत्यारा” के नाम से कुख्यात हुआ। उसने ब्लॉग और यूट्यूब के जरिए अपने अपराधों का बचाव किया, खुद को मानव-विरोधी बताया और खून से साइन की गई वूडू गुड़िया ऑनलाइन बेचने लगा।

crossed all limits of cruelty – स्कूल में उसे “नरभक्षी की बेटी” कहकर तंग किया गया। मानसिक दबाव, सामाजिक नफरत और पिता की जेल मुलाकातों में की गई ब्रेनवॉशिंग ने उसे नशे की लत की ओर धकेल दिया। 15 साल की उम्र तक वह गंभीर रूप से नशे की आदी हो चुकी थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जेमी ने स्वीकार किया कि इस जघन्य अपराध के बावजूद वह अपने पिता से भावनात्मक रूप से पूरी तरह अलग नहीं हो पाई। उसके मुताबिक, “मैं जानती हूं कि उसने क्या किया, वह कितना घिनौना था, लेकिन वह मेरा पिता है। भावनाएं तर्क से अलग चलती हैं।”

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