जम्मू के कनाचक इलाके में संदिग्ध आतंकियों की सैटेलाइट कम्युनिकेशन ट्रैक की गई है. खुफिया एजेंसियों ने थुराया सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल को इंटरसेप्ट किया है. बताया (terrorist’s sky conspiracy exposed) जा रहा है कि यह इलाका भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. संचार इंटरसेप्ट होने के तुरंत बाद सुरक्षा बल हरकत में आ गए और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
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स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), BSF और भारतीय सेना ने संयुक्त रूप से इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में लेकर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सुरक्षा बलों ने जम्मू क्षेत्र में, ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों सहित, तलाशी और घेराबंदी अभियान तेज कर दिए हैं, ताकि क्षेत्र में सक्रिय माने जाने वाले लगभग तीन दर्जन आतंकवादियों का पता लगाकर उन पर काबू पाया जा सके. अधिकारियों ने कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस के दौरान शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
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terrorist’s sky conspiracy exposed – गौरतलब है कि कनाचक क्षेत्र पहले भी पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ का मार्ग रहा है. इससे पहले पुलिस ने कई बार आतंकियों की साजिशों को नाकाम किया है. 2021 और 22 में स्थानीय पुलिस ने कई पाकिस्तानी ड्रोन को कब्जे में लिया था. जिसके बाद सेना के जवान पहले से ज्यादा अलर्ट हो गए. पाकिस्तान अब थुराया सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल भारत में घुसपैठ करने के लिए कर रहा है. इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.


