कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर एक दलित शख्स के साथ मारपीट करने के आरोप में एससी-एसटी ऐक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए यूट्यूबर और खुद को हिंदुवादी कार्यकर्ता कहने (Swatantra Bhardwaj Interim Bail) वाले स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत ने तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी है. नियमित जमानत याचिका पर विचार करने से पहले अदालत यह देखना चाहती है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी का आचरण और व्यवहार कैसा रहता है.
अदालत ने लगाई सख्त शर्तें
मंगलवार को बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत ने कहा कि आरोपी लगभग दस दिन से हिरासत में था और यह अवधि उसके आचरण पर विचार करने के लिए पर्याप्त थी. अदालत ने 50 हजार के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती पर राहत देते हुए कड़ी शर्तें रखी हैं. इसके तहत स्वतंत्र भारद्वाज जमानत अवधि में सोशल मीडिया पर इस केस से संबंधित कोई भी पोस्ट नहीं कर पाएगा और न ही पीड़ित परिवार से संपर्क करने की कोशिश करेगा.
शर्त टूटने पर तुरंत अदालत को देने होंगे निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया है अंतरिम जमानत के दौरान आरोपी के व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों पर जांच अधिकारी पैनी नजर रखेंगे. अदालत ने शिकायतकर्ता और जांच अधिकारी को यह विशेष अधिकार दिया है कि यदि आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो अगली तारीख का इंतजार किए बिना (Swatantra Bhardwaj Interim Bail) तुरंत अदालत को सूचित करें, ताकि उसकी जमानत रद्द करने या समीक्षा करने पर तत्काल फैसला लिया जा सके.


