मुंबई: दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने इस (Disha Salian death case) मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को विधिवत एफआईआर (FIR) दर्ज कर पूरी निष्पक्षता और गहराई से जांच करने का निर्देश दिया है।
Disha Salian death case – दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत को पूर्व नियोजित हत्या बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। न्यायमूर्ति एस.वी. कोटवाल और न्यायमूर्ति आर.आर. भोंसले की खंडपीठ ने 28 अगस्त को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सार्वजनिक किया गया।
पिता ने मौत को बताया संदिग्ध
-
-
संदेहास्पद परिस्थितियां: दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपने अधिवक्ता नीलेश ओझा के माध्यम से बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
-
-
-
हत्या का संदेह: याचिका में यह तर्क दिया गया कि घटनाक्रम के आसपास कई संदिग्ध परिस्थितियां मौजूद थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया।
-
-
-
गहन पड़ताल की गुहार: पिता ने अदालत से अपील की थी कि इसे केवल दुर्घटनावश हुई मौत न मानकर एक आपराधिक हत्या के दृष्टिकोण से परखा जाए।
-
हाईकोर्ट का सख्त निर्देश
-
-
सीधे आरोपी बनाने पर रोक: हाईकोर्ट ने निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि शुरुआती स्तर पर किसी को भी सीधे तौर पर आरोपी न बनाया जाए, बल्कि निष्पक्षता से सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएं।
-
-
-
जांच के बाद चार्जशीट: अदालत ने कहा कि सीबीआई हर पहलू की गहराई से पड़ताल करे और सही निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद ही अंतिम चार्जशीट दाखिल करे।
-


