सूरत के दिग्गज बिल्डर तुषार गेलानी आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है. इस केस में मुख्य आरोपी और तुषार की महिला मित्र पूनम भदोरिया ने अब गेलानी परिवार पर ही गंभीर पलटवार किया है. बुधवार को सत्र न्यायालय में अपनी जमानत याचिका दाखिल करते हुए पूनम ने सनसनीखेज दावे किए और तुषार की बड़ी बेटी पर (Surat builder suicide case) मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए. पूनम भदोरिया के वकील ने अदालत में दलील दी कि तुषार की आत्महत्या के लिए वह जिम्मेदार नहीं, बल्कि उनका अपना परिवार है.

Surat builder suicide case – याचिका में कहा गया कि गेलानी परिवार तुषार को सिर्फ एक ‘एटीएम मशीन’ समझता था. सबसे चौंकाने वाला दावा तुषार की बड़ी बेटी को लेकर किया गया. पूनम का आरोप है कि विदेश से पढ़कर लौटी बेटी अपने पिता को ‘पापा’ नहीं बल्कि ‘मिस्टर तुषार गेलानी’ कहकर बुलाती थी.

तुषार की बेटी के WhatsApp चैट

कोर्ट में पूनम ने कुछ WhatsApp चैट भी पेश किए गए, जिनमें बेटी ने पिता तुषार को लिखा था- चिंता मत करो, जरूरत पड़ी तो पैसे चुकाने के लिए खुद को बेच दूंगी, अब तुम मजे करो. पूनम ने दावा किया कि बेटी अपने पिता की हर हरकत, कॉल और मुलाकातों पर नजर रखती थी, जिससे तुषार घुटन महसूस कर रहे थे.

कहानी की शुरुआत कहां से हुई

ये पूरा मामला 1 फरवरी को शुरू हुआ जब 58 वर्षीय तुषार गेलानी ने अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के बीच खुद को गोली मार ली. 5 फरवरी को अस्पताल में इलाज के दौरान तुषार की मृत्यु हो गई. तुषार की बेटी ने पूनम भदोरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. बेटी का आरोप था कि पूनम पिछले 15 वर्षों से उनके पिता के साथ अनैतिक संबंधों में थी और उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये वसूल चुकी थी. शिकायत के अनुसार, पूनम ने तुषार के एक प्री-प्राइमरी स्कूल में जबरन 50% की हिस्सेदारी ले ली थी और लगातार मानसिक दबाव बना रही थी.

 

 

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