सुप्रीम कोर्ट ने ऑनर किलिंग की आशंका जाहिर करने वाले एक कपल की याचिका को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से साफ इंकार कर दिया है. इसके साथ ही उन्हें तत्काल राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट जाने की सलाह दी. यह फैसला सीजेआई की बेंच ने सुनाया है.
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई को लेकर कहा कि ऐसे मामलों में हाई कोर्ट सबसे उपयुक्त मंच है. इसके साथ ही पीड़ित वहां सुरक्षा के लिए गुहार लगा सकते हैं. वहां आसानी से आपकी बात को सुना जा सकता है.
सुनवाई के दौरान कपल ने क्या दी दलील?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कपल के वकील ने अदालत को बताया कि दोनों को अपने परिवार से गंभीर धमकियां मिल रही हैं. इसके साथ ही उन्हें फांसी पर लटकाने की धमकियां दी जा रही हैं. यह एक बार नहीं बल्कि बार-बार दी जा रही हैं. इसके साथ ही यह आरोप लगाया गया कि नई दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में पुलिस ने दोनों को हिरासत में भी लिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जीवन का अधिकार सर्वोपरि है और ऐसे मामलों में किसी भी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है. अदालत ने यह भी कहा कि यदि हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं होती, तो याचिकाकर्ता दोबारा सुप्रीम कोर्ट आ सकते हैं. बेंच ने इस मामले की सुनवाई के दौरान यह संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सीधे सुनवाई करने से इनकार करते हुए कपल को पहले हाई कोर्ट जाने का रास्ता दिखाया, साथ ही यह भी साफ किया कि ऐसे मामलों में अदालतें जीवन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. मतलब साफ है कि अब कपल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है.
