रायपुर : प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना के विरोध और रोजगार सुरक्षा की मांग को लेकर ‘विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ, छत्तीसगढ़’ के तत्वावधान में हजारों श्रमिकों ने रायपुर के डंगनिया स्थित कलार समाज भवन में विशाल राज्यस्तरीय बैठक की। इस महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के (demonstration of meter readers) राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

demonstration of meter readers – बैठक के उपरांत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और हजारों की संख्या में पहुंचे मीटर रीडर श्रमिकों ने डंगनिया स्थित मुख्य बिजली कार्यालय का घेराव किया और बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया। समीक्षा बैठक के दौरान मीटर रीडर संघ के प्रतिनिधियों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष अपनी मूलभूत समस्याएं और मांगें विस्तार से रखीं। श्रमिकों ने बताया कि प्रदेशभर में तेजी से लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के कारण राज्य के लगभग 5,000 मीटर रीडर और उनके परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

  स्मार्ट मीटर से 300 का बिल 10 हजार पहुंचने का आरोप 

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर आम उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। नेताओं ने दावा किया कि जिन आम उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल पहले ₹300 से ₹400 आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिल अप्रत्याशित रूप से ₹5,000 से ₹10,000 तक पहुंच रहा है।

 

Share.
Exit mobile version