जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक NSA के तहत गिरफ्तार हैं. वह जोधपुर की जेल में बंद हैं. इस बीच, उनकी पत्नी गीतांजलि जे एंगमो ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि रिहाई के बाद वांगचुक प्रदर्शन (Sonam Wangchuk will leave path of movement) का रास्ता नहीं अपनाएंगे. लेकिन चर्चा और संवाद के जरिए लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग के लिए आंदोलन का हिस्सा बने रहेंगे.
एंगमो ने कहा, हर बार 15-30 दिन तक कौन अनशन पर बैठना चाहेगा. 24 सितंबर, 2025 एक काला दिन था. एक बार जब वह रिहा हो जाएंगे तो हम बातचीत और सहयोग से समाधान ढूंढेंगे. हम लद्दाख को एक रोल मॉडल बनाएंगे. एंगमो ने कहा कि उनके पति की कोई राजनीतिक महत्वकांक्षा नहीं रही है. वह लद्दाख के नेताओं के कहने पर जून 2025 में गृह राज्य मंत्री के नेतृत्व वाली हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) के मेंबर बनने के लिए राजी हो गए थे.
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एंगमो ने कहा, वह मई 2025 में गृह मंत्रालय के साथ बातचीत फेल होने के बाद ही HPC का मेंबर बनने के लिए राजी हुए. अगर उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं होतीं तो वह किसी पार्टी में शामिल हो गए थे. पिछले 10 सालों में कई पार्टियों ने उनसे संपर्क किया. उन्होंने चुनाव लड़ने में कभी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. उन्हें लगता है कि उनका मुख्य रोल एक एजुकेटर और एनवायरनमेंटलिस्ट का है.
Sonam Wangchuk will leave path of movement – लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) लद्दाख के दो मुख्य जिलों को रिप्रेजेंट करते हैं. ये केंद्र शासित प्रदेश में संवैधानिक सुरक्षा उपायों के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. ये दोनों HPC का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि चाहे लद्दाखी ग्रुप हों या केंद्र सरकार, सभी के मन में लोगों और इलाके का हित है और बातचीत और सहयोग ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.


