रात में सोते समय बहुत से लोग पेट के बल या करवट लेकर सोते हैं और सुबह उठने पर तकिए पर लार के निशान पाते हैं। वयस्कों में यह स्थिति कई बार चिंता का विषय बन जाती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोते समय चेहरे और मुंह की मांसपेशियां रिलैक्स (आराम) की स्थिति में होती हैं, जिससे लार बाहर आ सकती है। हालांकि, इसे हमेशा बीमारी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
🩺 क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉक्टर लवलीन शर्मा (कंसलटेंट चेस्ट फिजिशियन, कैलाश दीपक हॉस्पिटल) का कहना है कि ज्यादातर मामलों में यह बिल्कुल सामान्य है। जब हम पेट के बल या करवट लेकर सोते हैं, तो मुंह की मांसपेशियां रिलैक्स होने के कारण लार अपने आप गले के अंदर नहीं निगली जाती और बाहर आ जाती है। इसलिए कभी-कभार ऐसा होने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
🤧 लार ज्यादा आने के अन्य कारण
अगर यह समस्या अचानक शुरू हुई है या बहुत ज्यादा हो रही है, तो इसके पीछे कुछ अन्य कारण हो सकते हैं:
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सर्दी या एलर्जी: बंद नाक के कारण मुंह से सांस लेने से लार की मात्रा बढ़ जाती है।
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स्लीप एपनिया: इसमें सोते समय बार-बार सांस रुकती है, जो लार निकलने का एक बड़ा कारण हो सकता है।
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अन्य समस्याएं: निगलने में कठिनाई या मांसपेशियों व नसों से जुड़ी कोई समस्या भी इसका कारण हो सकती है।
⚠️ डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
सिर्फ लार आने पर घबराएं नहीं, बल्कि यह देखें कि क्या आपको साथ में ये समस्याएं भी हैं:
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क्या आपको बहुत ज्यादा खर्राटे आते हैं?
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क्या सोते समय सांस रुकती है या हांफते हुए नींद खुलती है?
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क्या खाना निगलने में कठिनाई होती है?
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क्या बोलने के तरीके में बदलाव आया है या शरीर में असामान्य कमजोरी महसूस हो रही है?
यदि इनमें से कोई भी लक्षण मौजूद है, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
💡 बचाव के लिए क्या करें?
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सोने की पोजीशन बदलें: पीठ के बल सोने की कोशिश करें।
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साफ-सफाई: मुंह की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
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एलर्जी का इलाज: यदि नाक बंद रहने की समस्या है, तो उसका उपचार करवाएं।
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विशेषज्ञ से परामर्श: यदि समस्या लगातार बनी हुई है और आपकी नींद में बाधा डाल रही है, तो किसी स्लीप स्पेशलिस्ट से मिलें।


