रात में सोते समय बहुत से लोग पेट के बल या करवट लेकर सोते हैं और सुबह उठने पर तकिए पर लार के निशान पाते हैं। वयस्कों में यह स्थिति कई बार चिंता का विषय बन जाती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोते (sleeping drooling) समय चेहरे और मुंह की मांसपेशियां रिलैक्स (आराम) की स्थिति में होती हैं, जिससे लार बाहर आ सकती है। हालांकि, इसे हमेशा बीमारी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
sleeping drooling – डॉक्टर लवलीन शर्मा (कंसलटेंट चेस्ट फिजिशियन, कैलाश दीपक हॉस्पिटल) का कहना है कि ज्यादातर मामलों में यह बिल्कुल सामान्य है। जब हम पेट के बल या करवट लेकर सोते हैं, तो मुंह की मांसपेशियां रिलैक्स होने के कारण लार अपने आप गले के अंदर नहीं निगली जाती और बाहर आ जाती है। इसलिए कभी-कभार ऐसा होने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
लार ज्यादा आने के अन्य कारण
अगर यह समस्या अचानक शुरू हुई है या बहुत ज्यादा हो रही है, तो इसके पीछे कुछ अन्य कारण हो सकते हैं:
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सर्दी या एलर्जी: बंद नाक के कारण मुंह से सांस लेने से लार की मात्रा बढ़ जाती है।
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स्लीप एपनिया: इसमें सोते समय बार-बार सांस रुकती है, जो लार निकलने का एक बड़ा कारण हो सकता है।
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अन्य समस्याएं: निगलने में कठिनाई या मांसपेशियों व नसों से जुड़ी कोई समस्या भी इसका कारण हो सकती है।
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💡 बचाव के लिए क्या करें?
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सोने की पोजीशन बदलें: पीठ के बल सोने की कोशिश करें।
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साफ-सफाई: मुंह की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
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एलर्जी का इलाज: यदि नाक बंद रहने की समस्या है, तो उसका उपचार करवाएं।
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