मध्य प्रदेश के बुधनी से एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को बुधनी के कोसमी गांव पहुंचकर वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की। आरोप है कि वन विभाग की इस कार्रवाई के दौरान गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, उनकी मक्के व तुअर की फसलें नष्ट कर दी गईं और पीने के पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को भी मिट्टी से पाट दिया गया। मौके पर पहुंचे शिवराज सिंह ने इस पूरी कार्रवाई को ‘जुल्म की पराकाष्ठा’ करार देते हुए तीखी नाराजगी व्यक्त की।

📞 मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से की चर्चा: सीहोर के DFO मगन सिंह डाबर को पद से हटाया गया

घटना की गंभीरता को देखते हुए शिवराज सिंह चौहान ने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर कड़ी आपत्ति जताई और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर इन पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाएंगे। इस बीच, इस मामले के तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित एक्शन लेते हुए सीहोर के वन मंडल अधिकारी (DFO) मगन सिंह डाबर को हटा दिया है और उनकी जगह अर्चना पटेल को नया DFO नियुक्त कर दिया है।

🏡 ‘पार्टी की छवि खराब करने की साजिश’: बेघर हुए परिवारों के लिए नए घर बनवाने का ऐलान

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे सरकार और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की एक गहरी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि ये परिवार लंबे समय से भाजपा को वोट देते आए हैं और उनकी जमीन पर वर्षों से कब्जा था। शिवराज सिंह ने आश्वासन दिया कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए नए आवास तैयार नहीं हो जाते, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, उन्होंने इस अवांछित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।

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