अमृतसर : शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट (SGPC vs Punjab Government) हरजिंदर सिंह धामी ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान और प्रबंधन से जुड़े कानून में किए गए हालिया बदलावों पर अत्यंत कड़ा एतराज जताया है।  

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एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कानूनी और धार्मिक पक्षों को सामने रखते हुए कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास ‘सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925’ के तहत पूर्ण और खास अधिकार सुरक्षित हैं। ऐसे में सिखों के आंतरिक और धार्मिक मामलों में सीधे तौर पर दखल देने के बजाय राज्य सरकार को कोई भी कदम उठाने से पहले एस.जी.पी.सी. (SGPC) और श्री अकाल तख्त साहिब के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी।

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 SGPC vs Punjab Government – SGPC अध्यक्ष ने पंजाब सरकार द्वारा लागू किए जा रहे “कस्टोडियन” के नियम और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक (पब्लिक) करने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। धामी ने बताया कि SGPC के पास पहले से ही पावन स्वरूपों के रखरखाव, छपाई और रिकॉर्डिंग के लिए पूरी तरह से आधुनिक और हाई-टेक डिजिटल सिस्टम मौजूद है।ऐसे में अगर इन स्वरूपों की पूरी लोकेशन और जानकारी वेबसाइट पर डाल दी जाती है, तो यह सुरक्षा के नजरिए से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

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