छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एसईसीएल (SECL) की मेगा प्रोजेक्ट दीपका खदान के भीतर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। खदान परिसर के अंदर कोयला और मिट्टी परिवहन में लगे भारी डंपर की चपेट में आने से एक श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतक श्रमिक की पहचान आनंद सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जशपुर जिले का निवासी था और वर्तमान में हरदीबाजार में रह रहा था। इस दुखद घटना के बाद से खदान क्षेत्र के मजदूरों और स्थानीय लोगों में प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है।
🛑 कलिंगा कंपनी के कार्यक्षेत्र में हुआ हादसा: सुरक्षा प्रोटोकॉल और पर्याप्त दिशा-निर्देशों की अनदेखी का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपका खदान में आउटसोर्सिंग कंपनी के रूप में कार्यरत ‘कलिंगा कंपनी’ द्वारा खनन और परिवहन का कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि प्रबंधन द्वारा खदान के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान पर्याप्त दिशा-निर्देशों और सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होने के कारण यह हादसा हुआ। ड्यूटी पर तैनात आनंद जब कोल फील्ड में खड़ा था, तभी वॉल्वो वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसके पैर पर वाहन चढ़ गया और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
⚖️ मुआवजे और कड़ी कार्रवाई की उठी मांग: एसईसीएल प्रबंधन ने जांच कर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
इस दर्दनाक दुर्घटना के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने कलिंगा कंपनी तथा खदान प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने मांग की है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। साथ ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो। इस मामले पर एसईसीएल के पीआरओ सनीश चंद्र ने कहा है कि पूरे हादसे की निष्पक्ष जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


