दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा बीजेपी विधायक करनैल सिंह के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) पारस दलाल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायत को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। कोर्ट ने करनैल सिंह को 6 जून को (Satyendar Jain Defamation Case) अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
🔍 ‘बिना फैक्ट चेक किए दिए बयान’ पर कोर्ट की टिप्पणी
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने इंटरव्यू देने से पहले तथ्यों की जांच (Fact Check) करने की जहमत नहीं उठाई। शिकायत में लगाए गए आरोप ED की किसी प्रेस रिलीज या सार्वजनिक जानकारी से समर्थित नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि एक चुनाव क्षेत्र से प्रतिद्वंद्वी होने के नाते, बयानों में अधिक सावधानी और सतर्कता बरती जानी चाहिए थी।
🗣️ क्या है पूरा मामला?
सत्येंद्र जैन ने आरोप लगाया था कि 19 जनवरी, 2025 को एक न्यूज़ चैनल पर इंटरव्यू के दौरान करनैल सिंह ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक और झूठे बयान दिए। शिकायत के अनुसार, करनैल सिंह ने आरोप लगाया था कि:
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ED ने जैन के घर से भारी मात्रा में सोना बरामद किया है।
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उनके नाम पर 1100 एकड़ जमीन है।
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उन्होंने भ्रष्टाचार से संपत्ति बनाई है और वे ‘भू-माफिया’ हैं।
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जैन का तर्क है कि ये बयान उन्हें बदनाम करने की नीयत से दिए गए थे। वहीं, करनैल सिंह (Satyendar Jain Defamation Case) के वकील का कहना है कि एक चुनाव उम्मीदवार के तौर पर जनता को सच बताना उनका कर्तव्य था और उनके बयान मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित थे। अब इस मामले में 6 जून को कोर्ट की अगली सुनवाई तय की गई है।


