उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के ASP अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं. वजह है संभल हिंसा में कोर्ट का उनके खिलाफ आया फैसला. अनुज चौधरी पर CJM कोर्ट ने FIR का आदेश दिया है. संभल हिंसा के दौरान पुलिस पर आलम नाम के किशोर पर गोली चलाने का आरोप था. आलम के पिता यामीन ने संभल में CO रहे अनुज चौधरी (Sambhal court’s big decision) और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कराए जाने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी. कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अनुज चौधरी सहित 12 पर FIR के निर्देश दिए.
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Sambhal court’s big decision – 24 नवंबर, 2024 को संभल के शाही जामा मस्जिद इलाके में सर्वे के दौरान हालात बिगड़े थे. हजारों लोगों की भीड़ जमा हुई थी. पथराव हुए थे और फायरिंग की गई. यामीन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी उनका बेटा आलम जामा मस्जिद पर बिस्किट बेचने गया था. वह जैसे ही वहां पहुंचा पुलिस ने उसे गोली मार दी.
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अनुज चौधरी का जन्म 5 अगस्त, 1980 को हुआ था. मुजफ्फरनगर के बधेरी गांव में उनका जन्म हुआ था. वह साल 2012 में स्पोर्ट्स कोटे से यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर बने थे. अनुज चौधरी जब उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हुए, तो वह कोई आम रिक्रूट नहीं थे. 2004 के एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले इस पहलवान के नाम अर्जुन अवॉर्ड जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान हैं. 2003 में उन्हें इंस्पेक्टर और 2012 में CO बनाया गया. 13 साल तक इस पद पर रहने के बाद 2025 में उन्हें एडिशनल SP बनाया गया.


