सागर के चर्चित और भयावह जहरीली शराब कांड में पुलिस और जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस प्रशासन ने फरार आरोपी के अवैध नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से उसके परिवार पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में फरार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा की भाभी लवली ठाकुर (Sagar Poisonous Liquor Case) का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
Sagar Poisonous Liquor Case – लवली ठाकुर के नाम पर एक पिस्टल और एक 315 बोर की राइफल का शस्त्र लाइसेंस दर्ज था। जहरीली शराब कांड में आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा के फरार होने के बाद से ही पुलिस-प्रशासन की टीम उसके वित्तीय और सामाजिक नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस द्वारा कलेक्टर कार्यालय को एक आधिकारिक प्रतिवेदन भेजा गया, जिसमें लवली ठाकुर के शस्त्र लाइसेंस और हथियारों के दुरुपयोग की प्रबल आशंका जताई गई थी। इस प्रतिवेदन पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सागर कलेक्टर ने त्वरित आदेश जारी कर लवली ठाकुर के दोनों हथियारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए।
शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग की थी आशंका
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि पुलिस से बचकर भाग रहा आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा अपने परिजनों के नाम पर दर्ज शस्त्रों और लाइसेंस का गलत इस्तेमाल या पुलिस टीम पर दबाव बनाने का प्रयास कर सकता था। इसी सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है। शस्त्र लाइसेंस निरस्त होने के बाद,अब सागर पुलिस संबंधित थाने के माध्यम से लवली ठाकुर के दोनों हथियारों को मालखाने में जमा और जब्त कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।
