रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘रिम्स’ (RIMS) में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। सीआईडी (CID) द्वारा अस्पताल में की गई छापेमारी और जांच के बाद, बुधवार को रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के अनुमोदन के बाद उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। अस्पताल की कमान अब सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा को सौंपी गई है।
🕵️ क्या है सीआईडी जांच का कारण?
पिछले दिनों 24 जून को सीआईडी की दो अलग-अलग टीमों ने रिम्स में दस्तक दी थी, जिसमें चार डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल थे। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:
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फर्जी नामांकन: वर्ष 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए एमबीबीएस नामांकन की जांच।
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टेंडर में अनियमितता: अस्पताल में सफाई कार्य के लिए जारी निविदा प्रक्रिया (टेंडर) में कथित गड़बड़ी।
📂 दस्तावेजों की गहन पड़ताल
सीआईडी की टीम ने रिम्स निदेशक, डीन और चिकित्सा अधीक्षक से घंटों पूछताछ की। जांच के दौरान तीन एमबीबीएस छात्रों के नामांकन और टेंडर से जुड़ी फाइलों की प्रतियां सीआईडी अपने साथ ले गई। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन करने वाली दो छात्राओं का दाखिला रिम्स प्रशासन द्वारा रद्द किया जा चुका है।
🔄 नई जिम्मेदारी और प्रशासनिक चुप्पी
इस्तीफे के बाद से ही डॉ. राजकुमार मीडिया के सवालों से बचते रहे। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने शाम को इस बदलाव की पुष्टि की। अब देखना यह होगा कि क्या नई प्रशासनिक टीम के आने के बाद रिम्स में चल रही इन जांचों में कोई बड़ा खुलासा सामने आता है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।




