पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के बयान पर, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) कवल जीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि इशाक डार एक पक्के झूठे हैं, लेकिन आखिर में वह सच भी बोलते हैं. उन्होंने कहा कि जब वे कहते हैं कि 79 में भारत ने 80 ड्रोन दागे थे, तो वे निशाना लगा सकते थे. सिर्फ़ एक ड्रोन नूर खान पर लगा, जिससे कुछ मामूली नुकसान हुआ (big revelation on Pak ministers claim) और कुछ मामूली चोटें आईं. उनकी अपनी समा टीवी वेबसाइट ने 14 अगस्त, 2025 को उनके स्वतंत्रता दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय कार्रवाई में मारे गए, 138 वीरता पुरस्कार विजेताओं के नाम प्रकाशित किए. ये उन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिए गए.

केजेएस ढिल्लों ने कहा कि अगर 138 लोगों को मरणोपरांत पुरस्कार दिए गए, तो इसका मतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य कार्रवाई के कारण कम से कम 400 से 500 लोग मारे गए थे. उनके लिए यह कहना कि कुछ मामूली चोटें आईं, यह बात मेल नहीं खाती. नूर खान बेस में आग लगी हुई थी. वीडियो पाकिस्तानी नागरिकों ने जारी किए थे. उनके सभी ग्यारह एयर बेस बहुत बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे. हमने नुकसान की अलग-अलग तस्वीरें, वीडियो दिखाए हैं, लेकिन वे अपना झूठ बोलते रहेंगे.”

पाकिस्तान की सरकार ने शनिवार को इस बात को माना कि इस साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के स्ट्रेटेजिक और सटीक हमलों का उनके मिलिट्री ठिकानों पर असर हुआ था. यह हमला भारत ने अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया था, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी.

big revelation on Pak ministers claim – न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने साल के आखिर में अपनी प्रेस ब्रीफिंग में इस बात की पुष्टि की कि भारत ने रावलपिंडी के चकाला में उनके नूर खान एयर बेस को निशाना बनाया था. इससे उनके मिलिट्री इंस्टॉलेशन को नुकसान पहुंचा और वहां तैनात जवान भी घायल हुए.

 

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