शिमला : भूस्खलन से धराशायी हुआ शिमला के समरहिल का शिव बावड़ी मंदिर के मलबे में दबे तीन श्रद्धालुओं के शव गुरुवार को निकाले गए। 11 दिन चले (Rescue Operation In Shimla) सर्च ऑपरेशन में 20 श्रद्धालुओं के शव मलबे से निकाले गए। 11 दिन चले इस सर्च ऑपरेशन में कुल 20 श्रद्धालुओं के शव मलबे से निकाले गए। सभी शव बरामद होने के बाद सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया।
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दरअसल, 14 अगस्त को श्रावण माह के सोमवार की सुबह पहाड़ी दरकने से शिव बावड़ी मंदिर ध्वस्त हो गया था। हादसे के समय मंदिर में 20 श्रद्धालु मौजूद थे। मलबे में दबे शवों की तलाशी के लिए शिमला पुलिस ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया। 11 दिन तक राहत एवं बचाव टीमें घटनास्थल के आसपास नाले में शवों को निकाला। बचाव टीमों ने गुरुवार को लापता दादा-पोती समेत तीन शव को मलबे से निकाला। इनकी पहचान नीरज ठाकुर (45) पुत्र शांति स्वरूप निवासी एन्द्री समरहिल, पवन शर्मा (64) पुत्र मुल्क राम निवासी एमआई रूम और उनकी पोती समायरा (4) पुत्री अमन निवासी एमआई रूम के तौर पर हुई है।
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Rescue Operation In Shimla – शिमला के एसपी संजीव गांधी ने बताया कि सभी लापता लोगों के शव बरामद होने के साथ तलाशी अभियान बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, अग्निशमन और जिला पुलिस के जवानों के संयुक्त अभियान में शवों को मलबों से निकाला गया। उन्होंने कहा कि सर्च ऑपरेशन में जुटे जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में बड़े साहस से काम किया। रेस्क्यू ऑपरेशन में तेज़ी लाने के लिए आधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान अंबाला से सेना का छोटा जेसीबी रोबोट को यहां पर मलबा हटाने के लिए लाया गया था।

