नए वर्ष 2026 की शुरुआत में खुशियों के बीच 2 जनवरी की दोपहर झारखंड की राजधानी रांची में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. मौसीबाड़ी खटाल निवासी सुनील कुमार के दो मासूम बच्चे रहस्यमय (rescue in film style) परिस्थितियों में लापता हो गए. बच्चों में 5 वर्षीय बेटा अंश कुमार और लगभग 4 वर्षीय बेटी अंशिका कुमारी शामिल हैं. दोनों बच्चे घर से मात्र 10 रुपये लेकर पास की किराने की दुकान से बिस्कुट और मिक्सर खरीदने निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे.
समय बीतने के साथ परिवार की चिंता बढ़ती गई. आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद जब बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन धुर्वा थाना पहुंचे और दोनों बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. देखते ही देखते दो मासूम बच्चों के लापता होने की खबर पूरे रांची शहर में फैल गई और मामला गंभीर होता चला गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. इस टीम में सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी और ट्रैफिक एसपी के नेतृत्व में कुल 48 पुलिस अधिकारी शामिल किए गए. बच्चों की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया. जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लगभग 5,000 वाहनों की जांच की. इसके बावजूद करीब 12 दिनों तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली.
rescue in film style – इसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चों के सार्वजनिक पोस्टर जारी किए और सूचना देने वालों के लिए पहले 51 हजार रुपये इनाम की घोषणा की, जिसे बाद में बढ़ाकर प्रति बच्चा 2 लाख रुपये कर दिया गया. यानी कुल इनाम राशि 4 लाख रुपये हो गई.
इसी बीच 14 जनवरी की सुबह झारखंड पुलिस और रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली. दोनों मासूम बच्चों को रांची से लगभग 60 किलोमीटर दूर रामगढ़ जिले के चितरपुर क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया गया. बताया गया कि रजरप्पा थाना क्षेत्र के अहमदनगर निवासी दो युवकों की नजर एक दंपती के साथ घूम रहे बच्चों पर पड़ी. संदेह होने पर उन्होंने बच्चों की तस्वीर ली और सोशल मीडिया पर जारी पोस्टरों से मिलान किया. पुष्टि होने के बाद उन्होंने परिजनों से संपर्क किया और तत्काल रजरप्पा पुलिस को सूचना दी.


