ज्यादातर मामलों में बच्चों में मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी एंटी-सीज़र (Anti-Seizure) दवाओं से पूरी तरह कंट्रोल हो जाती है। हालांकि, कुछ बच्चों में नियमित और ठीक से दवा लेने के (repeated epileptic seizures) बावजूद बार-बार मिर्गी के दौरे आते रहते हैं।
चिकित्सीय भाषा में इस स्थिति को ‘ड्रग-रेजिस्टेंट एपिलेप्सी’ (Drug-Resistant Epilepsy) कहा जाता है। इसका गंभीर असर न केवल बच्चे की शारीरिक सेहत पर पड़ता है, बल्कि उसकी पढ़ाई-लिखाई, सोचने-समझने की क्षमता (Cognitive Abilities) और भावनात्मक मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
किन संकेतों पर दें ध्यान?
हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. सूफी रूमी बताती हैं कि माता-पिता के लिए शुरुआती चेतावनियों को पहचानना बेहद जरूरी है। यदि बच्चा समय पर दवा लेने के बावजूद बार-बार दौरे का शिकार हो रहा है, दौरे पहले से ज्यादा आने लगे हैं या उनके आने का पैटर्न बदल गया है, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
बच्चों में दिखने वाले मुख्य संकेत जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
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बार-बार कुछ सेकंड तक बिना पलक झपकाए एकटक देखते रहना।
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अचानक बिना किसी वजह के गिर जाना।
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शरीर या हाथ-पैरों में अनियंत्रित झटके लगना।
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कुछ समय के लिए पूरी तरह बेहोश या अचेत हो जाना।
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बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास की गति धीमी पड़ना।
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दौरे के प्रभाव से बाहर आने में लंबा समय लगना।
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इन लक्षणों का मतलब यह कतई नहीं है कि बीमारी का इलाज संभव नहीं है, बल्कि यह समय पर सही और एडवांस्ड जांच कराने की ओर संकेत करते हैं।
दवाओं के अलावा भी उपलब्ध हैं आधुनिक इलाज
यदि रूटीन मेडिसिन से फायदा नहीं मिल रहा है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इलाज के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। आज चिकित्सा विज्ञान में बच्चों में मिर्गी के इलाज के कई (repeated epileptic seizures) आधुनिक और प्रभावी विकल्प उपलब्ध हैं:
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एपिलेप्सी सर्जरी (Epilepsy Surgery): दिमाग के उस हिस्से को ठीक करना जहां से दौरे उठते हैं।
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न्यूरो मॉड्यूलेशन तकनीक (Neuro-modulation): दिमाग में इलेक्ट्रिक सिग्नल को नियंत्रित करने की तकनीक।
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कीटोजेनिक डाइट (Ketogenic Diet): डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में दी जाने वाली यह कोई सामान्य वजन घटाने वाली डाइट नहीं है, बल्कि एक चिकित्सीय आहार है, जिसमें फैट (वसा) अधिक और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम मात्रा में दिया जाता है। इसे हमेशा एक्सपर्ट्स की देखरेख में ही शुरू करना चाहिए।
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