चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस ने 2025 में कुल अपराधों में कमी दर्ज की, संगठित गैंग्स, साइबर अपराधियों और हिंसक अपराधियों पर कड़ा प्रहार किया। साथ ही वर्ष 2026 में तकनीक, फॉरेंसिक (reduction in crimes in Haryana) विज्ञान और पुलिस के लास्ट माइल डोमिनेशन पर और तेजी लाने का संकल्प लिया गया है।

और आंकड़ों के अनुसार 2025 में कुल अपराधों का रूझान हरियाणा में आई.पी.सी./बी.एन.एस. विशेष स्थानीय कानूनों के तहत कुल संज्ञेय अपराध 2024 के 15,574 मामलों से घटकर 2025 में 1,27,850 रह गए, यानी 7,724 मामलों की कमी (लगभग 5.7 प्रतिशत) । आई.पी.सी./बी. एन.एस. के अपराध अकेले 1,10,78 से घटकर 1,07,242 हो गए जबकि विशेष कानूनों के मामले 17 प्रतिशत से अधिक गिरे।

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हरियाणा पुलिस ने जमीन पर लास्ट माइल डोमिनेशन मजबूत किया। साल के आखिरी दो महीने में 4,000 से अधिक हिंसक और दोहराव वाले अपराधियों को जेल भेजकर संगठित अपराध और उगाही के नेटवर्क को कमजोर किया। इस अवधि में लगातार निगरानी, खुफिया तंत्र और तकनीकी मदद से 100 से ज्यादा हत्या की योजनाएं पहले ही पकड़ लीं, जिससे जानमाल का नुकसान रोका गया और कानून का राज मजबूत हुआ।

reduction in crimes in Haryana – लूट के मामले 24 प्रतिशत, छिनैती 12 प्रतिशत से अधिक और चोरी 1 प्रतिशत से ज्यादा घटीं, जो बेहतर रोकथाम और हॉटस्पॉट पर तैनाती का नतीजा है। महिलाओं के खिलाफ बलात्कार के मामले 1373 से तेजी से घटकर 1,025 (25 प्रतिशत से अधिक कमी), छेड़छाड़ और दहेज हत्या में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई। अपहरण और एससी/एसटी एक्ट के मामले भी नीचे आए।

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