Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ईरान-इजराइल युद्ध का असर: छुट्टी मनाने दुबई गए 4 परिवार वहां फंसे, नहीं हो पा रहा कोई संपर्क!
    • खामनेई की हत्या पर भड़की कांग्रेस: ‘बाहरी शक्ति को सत्ता बदलने का अधिकार नहीं’, खरगे का कड़ा रुख
    • बहराइच में कलयुगी बेटे का खौफनाक तांडव: आधी रात को मां-बाप समेत 4 को काट डाला
    • जीजा ने बीवी को मारकर नाले में फेंका, साले ने ऐसे खोला राज! कानपुर से आई दिल दहला देने वाली घटना
    • संजू सैमसन के 97 रन और गौतम गंभीर का वो पुराना बयान! जानें क्या थी वो भविष्यवाणी जो आज सच हो गई
    • शकीरा को लाइव देखने के लिए ढीली करनी होगी जेब! एक टिकट की कीमत 32 हजार से भी ज्यादा
    • सोने की ‘रॉकेट’ रफ्तार और चांदी में भारी उछाल! क्या 2 लाख तक पहुंचेंगे सोने के दाम?
    • ट्रंप के एक फैसले ने पलट दिया गेम! ऐप स्टोर पर अचानक नंबर-1 बना ये AI ऐप
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Tuesday, March 3
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » Samsung और Apple का रिकॉर्ड इंपोर्ट! ₹1.21 लाख करोड़ का सामान मंगाया

    Samsung और Apple का रिकॉर्ड इंपोर्ट! ₹1.21 लाख करोड़ का सामान मंगाया

    December 9, 2025 टेक्नोलॉजी 2 Mins Read
    record import
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    Samsung, Apple, Haier, LG, Whirlpool, Lenovo और Motorola उन करीब एक दर्जन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में से हैं जिन्होंने FY25 में कुल मिलाकर 1.21 लाख करोड़ से ज्यादा के (record import) कंपोनेंट और प्रोडक्ट इंपोर्ट किए हैं, कंपनियों द्वारा लेटेस्ट रेगुलेटरी फाइलिंग से इस बात का खुलासा हुआ है. कंपनियों का बाहर से प्रोडक्ट को इंपोर्ट करना कई तरह के सवाल खड़े करता है.

    record import – इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स ने इस सुधार का कारण महंगे पार्ट्स के ज्यादा इंपोर्ट और कमजोर रुपए को बताया. फाइलिंग से इस बात का पता चला है सरकार का Make in India कैंपेन 2018-19 से अब तक ज्यादातर कंपनियों के लिए वैल्यू के हिसाब से इंपोर्ट कम करने में नाकाम रहा है. FY24 में इन कंपनियों के कंसोलिडेटेड इंपोर्ट बिल में 6 फीसदी की गिरावट आई थी.

    इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, एक इलेक्ट्रॉनिक्स मल्टीनेशनल कंपनी की इंडियन यूनिट के चीफ एग्जीक्यूटिव ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, मेक-इन-इंडिया पहल चाहे वह मोबाइल फोन के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम हो या इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाना हो या ज्यादातर तैयार माल के इंपोर्ट को रोकने के लिए रही हैं जो सफल रही हैं. इस मामले में आगे जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट PLI और व्हाइट गुड्स PLI स्कीम कंपोनेंट्स पर ज्यादा फोकस करती है और एक बार ये बन जाएं तो इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री का इम्पोर्ट बिल कम हो जाएगा.

     

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    ट्रंप के एक फैसले ने पलट दिया गेम! ऐप स्टोर पर अचानक नंबर-1 बना ये AI ऐप

    बिना सिम नहीं चलेगा व्हाट्सएप, सरकार का सख्त फैसला और आप पर असर

    चाइनीज मोबाइल से भारतीयों का मोहभंग! पहली बार धड़ाम हुई सेल, इन ब्रांड्स को लगा झटका

    Sarvam Indus AI vs ChatGPT: देसी AI ऐप हुआ लॉन्च, जानिए कौन है सबसे बेहतर और क्या हैं खूबियां

    गूगल ने लॉन्च किया Gemini 3.1 Pro, मुश्किल सवालों के जवाब अब होंगे और भी आसान

    सावधान! कहीं आपका फोन भी तो ‘Expire’ नहीं हो गया? चुटकियों में खाली हो सकता है पूरा बैंक अकाउंट

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.