रांची: जिले के सभी सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में 25 मार्च 2026 (बुधवार) को शैक्षणिक सत्र 2025-26 का सत्रांत वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. करीब 2000 से अधिक स्कूलों में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. प्रत्येक विद्यालय में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों की प्रतिभा को मंच दिया जाएगा.
स्कूल और समाज के बीच मजबूत होंगे संबंध
इस आयोजन में जिले के लगभग 2000 से अधिक विद्यालयों, 7000 से ज्यादा शिक्षकों और 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके साथ ही अभिभावक और स्थानीय समुदाय भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे स्कूल और समाज के बीच संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है.
जनप्रतिनिधियों से भी विद्यालयों में शामिल होने का अनुरोध
जिला प्रशासन के निर्देश पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री और उपविकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवनिया समेत जिले और प्रखंड स्तर के सभी वरीय पदाधिकारी अलग-अलग विद्यालयों में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. वहीं जनप्रतिनिधियों से भी अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में शामिल होने का अनुरोध किया गया है.
सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रयास
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वार्षिकोत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाना भी है. इसके तहत छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, मध्याह्न भोजन योजना को प्रभावी बनाए रखने और आगामी सत्र 2026-27 में ‘जीरो ड्रॉपआउट’ के लक्ष्य को हासिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. साथ ही बच्चों को झारखंड की समृद्ध कला और संस्कृति से जोड़ने तथा अभिभावकों के बीच सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है.
बाल विवाह, बाल श्रम जैसी कुरीतियों के खिलाफ संदेश
वार्षिकोत्सव में झारखंड के पारंपरिक लोकनृत्य और लोकसंगीत के साथ-साथ देशभक्ति गीत, योग प्रदर्शन और सामाजिक जागरूकता पर आधारित नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे. बाल विवाह, बाल श्रम जैसी कुरीतियों के खिलाफ संदेश देने वाली प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी. इसके अलावा राज्य और जिला स्तर पर चल रही शैक्षणिक योजनाओं से आए सकारात्मक बदलावों को भी मंच के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा.


