झारखंड की राजधानी रांची की संकरी गलियों से लेकर सुदूर और दुर्गम इलाकों तक आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। शनिवार को रांची सदर अस्पताल परिसर में डीआरडीओ (DRDO) की स्वदेशी तकनीक से निर्मित 08 नमो जीवन रक्षक ‘रक्षित’ बाइक एंबुलेंस का लोकार्पण रक्षा राज्यमंत्री और स्थानीय सांसद संजय सेठ द्वारा किया गया। इनमें से 7 बाइक एंबुलेंस सदर अस्पताल और 1 सेवा सदन को सौंपी गई हैं, जो तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आम जनता की सेवा में मुस्तैद कर दी जाएंगी।

🏍️ रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने खुद चलाकर की टेस्टिंग: कहा- आपातकाल में हर एक पल होता है कीमती

लोकार्पण समारोह के दौरान रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने स्वयं बाइक एंबुलेंस चलाकर उसकी टेस्टिंग की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गंभीर परिस्थिति में मरीज तक सही समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचना जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। रांची शहर की घनी आबादी, संकरी गलियों और ट्रैफिक से भरे रास्तों में जहां चार पहिया एंबुलेंस के पहुंचने में समय लगता है, वहां ये बाइक एंबुलेंस बेहद कारगर साबित होंगी। कार्यक्रम में महापौर रोशनी खलखो, सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र कुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू और उपमहापौर नीरज कुमार भी मौजूद रहे।

🩺 ऑक्सीजन, ईसीजी और पेशेंट मॉनिटर से लैस: जानिए ‘रक्षित’ बाइक एंबुलेंस की प्रमुख विशेषताएं

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित और पेटेंट कराई गई यह ‘रक्षित’ बाइक एंबुलेंस अत्याधुनिक जीवनरक्षक सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित है। इसमें ‘पेशेंट-ऑन-बाइक’ की विशेष सीटिंग व्यवस्था की गई है, जिससे मरीज को सुरक्षित ले जाया जा सके। इसके अलावा इसमें मल्टी-पैरामीटर पेशेंट मॉनिटर (SpO₂, ईसीजी, तापमान व हृदय गति जांच), पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार किट, एयर स्प्लिंट और आईवी फ्लूइड्स देने की व्यवस्था मौजूद है, जो एंबुलेंस चालक/पैरामेडिक को रास्ते में ही प्राथमिक इलाज शुरू करने में मदद करती है।

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