रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक विशेष विमान के जरिए राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक सूचना के अनुसार, वे आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘इंडी गठबंधन’ के बैनर तले आयोजित होने जा रही राष्ट्रव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली में शिरकत करेंगे। इस विशाल महाआंदोलन का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने और कथित अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराना है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर राज्य में आगामी 25 और 26 नवंबर को विधानसभा का एक विशेष सत्र भी आहूत किया जाना तय किया गया है, जिसमें एसआईआर की विसंगतियों और एमएमडीआर संशोधन के कारण राज्य को हुए वित्तीय नुकसान पर व्यापक चर्चा कर तदनुसार प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किया जाएगा।
पत्नी कल्पना सोरेन और अधिकारियों के साथ हुए रवाना, सिंगापुर जाने की भी संभावना
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनकी धर्मपत्नी सह गांडेय विधानसभा क्षेत्र की विधायक कल्पना सोरेन, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और सुरक्षा पदाधिकारी अजय कुमार भी विशेष विमान से दिल्ली पहुंचे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि दिल्ली प्रवास के उपरांत मुख्यमंत्री सिंगापुर के लिए भी रवाना हो सकते हैं, जहां उनके छोटे भाई और दुमका से विधायक बसंत सोरेन अपना चिकित्सीय इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों के चलते ही बसंत सोरेन अपनी माता के निधन के उपरांत हुए अंतिम संस्कार के शोक कार्यक्रमों में भी प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाए थे। पिछले दिनों नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और जेडीयू नेता सरयू राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर विधायक बसंत सोरेन के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की थी।
झारखंड कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता महारैली में हुए शामिल, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे कर रहे हैं नेतृत्व
इस राष्ट्रीय स्तर की महारैली को कामयाब बनाने के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूरी ताकत झोंक दी है और राज्यभर से कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता दिल्ली के लिए कूच कर चुके हैं। गत 29 अक्टूबर को कांग्रेस नेत्री सह कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने कई बसों के जरिए अपने समर्थकों को दिल्ली के लिए रवाना किया था। प्रदेश कांग्रेस इकाई ने दावा किया है कि इस ऐतिहासिक आयोजन में झारखंड से लगभग 12 हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ता और नागरिक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। राहुल गांधी ने ‘चलो दिल्ली’ का नारा देते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता से रामलीला मैदान में जुटने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह किसी एक दल, जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष का संघर्ष नहीं बल्कि प्रत्येक भारतीय का साझा आंदोलन है, जिसमें सभी का स्वागत है।
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे और रैली में शामिल होने पर भारतीय जनता पार्टी का तीखा राजनीतिक हमला
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस दिल्ली दौरे और 1 नवंबर की महारैली में हिस्सा लेने के निर्णय को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने तीखा राजनीतिक तंज कसा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने बयान जारी करते हुए आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब कांग्रेस पार्टी के पिछलग्गू बनकर रह गए हैं और उनसे पूरा राज्य ढंग से संचालित नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में झारखंड की वित्तीय स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है और स्वीकृत बजट का मात्र 20 प्रतिशत हिस्सा ही अभी तक धरातल पर खर्च हो पाया है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। पार्टी प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी ने अतीत में शिबू सोरेन को जेल भेजने का काम किया था, आज हेमंत सोरेन उसी दल के साथ मजबूती से चिपके हुए हैं, इसलिए उन्हें प्रदेश की जनता को यह जवाब देना चाहिए कि झारखंड की आज इस बदहाल वित्तीय स्थिति के लिए असल में कौन जिम्मेदार है।


