अयोध्या : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर में दान की राशि में हेराफेरी के आरोपों के बाद उपजे सियासी विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इन आरोपों के बीच (dispute over donation of trust) राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने अपना कार्यक्रम बदलकर अचानक अयोध्या का दौरा किया और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की।
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dispute over donation of trust – सूत्रों के अनुसार, नृपेंद्र मिश्र को 13 जून को अयोध्या आना था, लेकिन विवाद के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्होंने तुरंत अयोध्या पहुंचने का निर्णय लिया। इस बंद कमरे की बैठक में मुख्य रूप से चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और पूरे लेखा-जोखा (Accountability) को लेकर चर्चा हुई। ट्रस्ट का साफ कहना है कि मंदिर निर्माण के हर लेन-देन में पूर्ण पारदर्शिता बरती जा रही है और इसे लेकर किसी भी प्रकार की शंका को स्थान नहीं दिया जाएगा।
अखिलेश के आरोप और ट्रस्ट का खंडन
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया था कि मंदिर को मिले दान की करोड़ों की राशि गायब है। इसके जवाब में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। हालांकि, विपक्ष इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं दिखा, जिसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार ने भी इस पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं।
