कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मल्लिकार्जुन खरगे के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों का अपमान किया है. उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के मुख्यमंत्री की बात का (chief minister insulted ST-ST) समर्थन करते हैं? कांग्रेस नेताओं ने असम सीएम सरमा की संवाददाताओं से बातचीत का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह खरगे के लिए ‘पागल’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं.
chief minister insulted ST-ST – राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विरुद्ध इस्तेमाल की गई अभद्र और घटिया भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है. खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित और जननेता हैं. उनका अनुभव, कद और प्रतिष्ठा अतुलनीय है.
एससी-एसटी समाज के करोड़ों लोगों का अपमान
उन्होंने दावा किया कि खरगे का अपमान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि इस देश के एससी-एसटी समाज के करोड़ों लोगों का भी अपमान है. उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह कोई नई बात नहीं है, यह बीजेपी-आरएसएस की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है. बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान हो, दलित नेताओं को नीचा दिखाना हो, या एससी-एसटी समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले हों, इनका इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब ये उसे अपमानित करने पर उतर आते हैं.
बीजेपी-आरएसएस का असली चरित्र और चेहरा
उन्होंने कहा कि यही इनकी विचारधारा है, यही इनका असली चरित्र और चेहरा है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल है कि क्या आप हिमंत बिस्वा सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं? आपकी चुप्पी मजबूरी नहीं, सहमति है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमला होते देख मुंह न खोलें, तो वो न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, बल्कि उस अपमान के हिस्सेदार भी हैं.


