मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : साल 2024 में कोतवाली मनेंद्रगढ़ के ग्राम पंचायत चनवारीडांड में पत्रकार की निर्मम हत्या कर दी गई थी. जर्नलिस्ट रईस अहमद हत्याकांड की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई. कोर्ट ने इस मामले में अपराध साबित होने पर आरोपी प्रेमी आरजू खान और मृतक की पत्नी दोनों को आजीवन कारावास की (Raees Ahmed Murder Case) सजा सुनाई है. जबकि विधि से संघर्षरत बालक का प्रकरण बाल न्याय बोर्ड में फिलहाल विचाराधीन है.

16 मई 2024 को हुई थी पत्रकार की हत्या: मनेंद्रगढ़ कोतवाली में दर्ज एफआईआर के मुताबिक 16 मई 2024 को ग्राम पंचायत चनवारीडांड में पत्रकार रईस अहमद की हत्या कर दी गई थी. हत्या की वारदात कोतवाली थाने में दर्ज की गई. पुलिस की जांच जैसे – जैसे आगे बढ़ी वैसे – वैसे हत्या के राज से पर्दा उठता गया. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की वारदात में दो लोग शामिल रहे. मृतक पत्रकार की पत्नी और उसका प्रेमी. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ की हत्या की इस वारदात में विधि से संघर्षरत किशोर भी शामिल है.

एमपी के ब्योहारी से हुई थी प्रेमी की गिरफ्तारी: 18 मई 2024 को मनेंद्रगढ़ कोतवाली पुलिस ने प्रेमी को गिरफ्तार किया था. प्रेमी झारखंड का रहने वाला था और वारदात के बाद गुजरात भागने की फिराक में था. पुलिस ने उसे एमपी के ब्योहारी से गिरफ्तार किया था. आरोपी ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया था.

अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा: प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (Raees Ahmed Murder Case) विवेक कुमार तिवारी की अदालत ने मंगलवार को बहुचर्चित पत्रकार रईस अहमद हत्याकांड में फैसला सुनाया. सुनवाई के दौरान कोर्ट मेंं दोनों के खिलाफ अपराध साबित होने पर आरोपी प्रेमी और पत्नी (प्रेमिका) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. जबकि विधि से संघर्षरत किशोर का प्रकरण बाल न्याय बोर्ड में विचाराधीन है.

 

 

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